घायल के दोस्तों की अभद्रता से मेडिकल के डॉक्टरों का गुस्सा फूटा, काम बंद कर किया प्रदर्शन


जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर में सोमवार की देर रात लगभग डेढ बजे ऑन-ड्यूटी रेजिडेंट डॉक्टरों और एक घायल को लेकर पहुंचे निजी कालेज के छात्रों के बीच वाद विवाद व कथित मारपीट की घटना को लेकर मेडीकल के जूडा डॉक्टरों का गुस्सा फूट पड़ा। रात में हुई इस घटना के विरोध तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने व अस्पताल प्रबंधन की अव्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग को लेकर मंगलवार को सुबह काम बंद करने के साथ ही डीन कार्यालय के समक्ष बड़ी संख्या में एकत्र होकर जमकर प्रदर्शन किया। मेडीकल प्रबंधन की समझाईश व आश्वासन पर डॉक्टरों का गुस्सा शांत हुआ और तब उक्त धरना व विरोध प्रदर्शन समाप्त हो सका।
मेडीकल के रेजिडेंट डॉक्टर दीपक त्रिपाठी ने रात में हुए विवाद के संबंध में बताया कि देर रात लगभग 1:30 बजे ऑन-ड्यूटी सर्जरी और ऑर्थो के रेजिडेंट डॉक्टरों के पास लगभग 8 से 10 युवा जो शराब के नशे में थे, एक घायल मरीज को लेकर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब ड्यूटी डॉक्टरों ने मरीज की चोट और सामान्य स्वास्थ्य से संबंधित सवाल पूछे, तो घायल के साथ आए युवकों ने बहस शुरू कर दी और जबरन वीडियो बनाना शुरू कर दिया। जब उन्हें वीडियो बनाने से मना किया गया तो आरोपियों ने ड्यूटी डॉक्टर की कॉलर पकड़कर थप्पड़ मारा और सीने पर लात से वार किया।
आरोपित है कि इस दौरान वहां मौजूद महिला डॉक्टर और दो अन्य जूनियर डॉक्टरों के साथ भी अभद्रता की गई। रेजिडेंट डॉक्टर्स का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है वरन पिछले 10 दिनों में मेडीकल में ही डॉक्टरों के साथ अभद्रता और मारपीट का यह लगभग तीसरा मामला है। उन्होंने मांग की कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और डॉक्टरों को सुरक्षित माहौल मिले।
रेजिडेंट डॉक्टर्स ने कहा कि अस्पताल परिसर में पुख्ता सुरक्षा तैनात की जाए और आरोपियों पर इंस्टीट्यूशनल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई हो। वहीं मरीज के साथ आने वाले 8-10 अटेंडरों की भीड़ के कारण अक्सर अव्यवस्था और विवाद की स्थिति बनती है।
मांग की गई है कि प्रति मरीज अधिकतम 2 अटेंडरों को ही प्रवेश दिया जाए। इस मामले में गढ़ा पुलिस ने बताया कि रात में एक निजी कालेज के छात्रों और डाक्टरों के बीच विवाद हुआ था, लेकिन दोपहर तक किसी भी पक्ष ने एफआईआर दर्ज नहीं कराई है।