अब मटर के बारदाने की कालाबाजारी, 8 रुपए की प्लास्टिक बोरी, 25 रुपए में बेची जा रही


जबलपुर। मटर की बंपर पैदावार के बीच बाजार में अचानक बारदाने (प्लास्टिक बोरियों) का संकट खड़ा कर दिया गया है और इस कृत्रिम संकट की आड़ लेकर बारदाने की कालाबाजारी की जा रही है| नवयुवक किसान संघर्ष मोर्चा ने आरोप लगाया है कि शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे बारदाने के नाम पर लूट की जा रही है।
नवयुवक किसान संघर्ष मोर्चा के अन्नू पटेल, अभय उपाध्याय ने मटर भरने वाली प्लास्टिक की बोरियों को बेचने वाली दुकानों मालिकों द्वारा की जा रही लूट खसोट पर रोष व्यक्त किया है। जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि जो प्लास्टिक की बोरियों 8 रुपए में बेची गई है उन्हें आज 20 या 25 में बेचा जा रहा है। यह बोरियां दमोह नाका पेट्रोल पंप के सामने की दुकानों में अलग अलग रेट में बेची जा रही है। बोरी बेचने के पैसा नगद लिए जा रहे हैं चेक से या ऑनलाइन पैसे नहीं लिए जा रहे हैं। बोरियों के खरीदने के बिल भी नहीं दिए जा रहे हैं। आज 1 दिन में ही करीबन 5 हजार बोरियां किसानों द्वारा खरीदी जा रही हैं एक बोरी में 15 रुपए अधिक लेने पर लाखों रुपए की लूट किसानों से की जा रही है। ग्राम सेवक या कृषि विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से व्यापारी खाद्य, बीज और बारदानों में आर्थिक रूप से किसानों को लूट रहे हैं। किसानों की इन समस्याओं पर जल्द जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों को कदम उठाना चाहिए। नवयुवक किसान संघर्ष मोर्चा के अन्नू पटेल, अभय उपाध्याय , राहुल यादव, गुड्डू पटेल , परसोत्तम उपाध्याय, ने किसानों को सस्ते दाम पर मटर की बोरियां उपलब्ध कराने की मांग की है।