जबलपुर। हाल ही में विद्युत दरों में की गई वृद्धि के खिलाफ जनसंगठनों ने यहां घंटाघर चौक पर प्रदर्शन किया| इस अवसर पर नागरिक मार्गदर्शक उपभोक्ता मंच के प्रांताध्यक्ष डॉ. नाजपांडे ने कहा कि प्रदेश में उत्पादन की गई बिजली बाहर सस्ते रेट में बेची जा रही है वहीं प्रदेश में महंगी बेची जा रही है| यह केवल न विसंगति बल्कि प्रदेश के उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है| उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बिजली टैरिफ आदेश के प्रदेश के बाहर सरप्लस बिजली 3.81 रू. प्रति यूनिट के रेट से पावर एक्सचेंज के मार्फत बेचने का निर्देश जारी किया गया है। इसी टैरिफ आदेश में प्रदेश के सर्वसाधारण उपभोक्ता, जो प्रतिमाह 150 से 300 यूनिट बिजली की खपत करता है, उन्हें 7.05 रू. प्रति यूनिट से बिजली बेचने के निर्देश जारी किये गये हैं।
प्रदेश में भी सस्ती बिजली बेची जाए…..
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, भारतीय वरिष्ठ नागरिक संगठन, महिला समिति, मानव अधिकार क्रांति संगठन, सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन, पेंशनर्स समाज तथा किसान संगठन ने घंटाघर के पास प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंप कर मांग की कि प्रदेश में भी बाहर के सस्ते रेट से बिजली बेची जाए।
इस अवसर पर डॉ. पी.जी. नाजपांडे, टी. के. रायघटक, डी.के. सिंह, सुशीला कनौजिया, गीता पाण्डे, मनीष शर्मा, अशोक नामदेव, संतोष श्रीवास्तव, दिलीप कुण्डे पी.एस. राजपूत, डी.आर. लखेरा, रेखा झारिया, यशवंत कोष्टा, अशोक यादव, डी.क चौरे, डी.के. निगम, अब्दुल रहमान आदि भारी संख्या में उपभोक्ता उपस्थित थे।