कछपुरा मालगोदाम में सीमेंट एवं खाद की लोडिंग-अनलोडिंग पर उठे सवाल,

जबलपुर। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने कछपुरा मालगोदाम में सीमेंट, खाद एवं अन्य सामग्री की लोडिंग-अनलोडिंग को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराते हुए रेलवे प्रशासन एवं मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्रभावित नागरिकों को 100 करोड़ रुपये का पर्यावरणीय मुआवजा देने की मांग की है। इस संबंध में मंच के अध्यक्ष डॉ. पी.जी. नाजपांडे तथा रजत मार्गदर्शक द्वारा रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस प्रेषित किया गया है।जारी विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि कछपुरा मालगोदाम में लंबे समय से सीमेंट, खाद तथा अन्य सामग्री की लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य किया जा रहा था। हाल ही में रेलवे द्वारा इस पर रोक लगाए जाने के बाद यह प्रमाणित हुआ है कि उक्त गतिविधियां निर्धारित अनुमति के विपरीत संचालित हो रही थीं। मंच का आरोप है कि मालगोदाम के लिए जारी कंसेंट आदेश के अनुसार वहां केवल खाद्यान्न की लोडिंग-अनलोडिंग की अनुमति थी, जबकि इसके विपरीत अन्य सामग्री का संचालन किया जाता रहा।
5 अप्रैल 2023 को जारी हुआ था कंसेंट आदेश
नोटिस में उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 5 अप्रैल 2023 को जारी कंसेंट आदेश में कछपुरा मालगोदाम में केवल खाद्यान्न की लोडिंग-अनलोडिंग की अनुमति प्रदान की गई थी। इसके बावजूद वहां सीमेंट, खाद तथा आयरन अयस्क जैसी सामग्रियों की लोडिंग-अनलोडिंग जारी रही। इस संबंध में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में ओ.ए. क्रमांक 39/2025 एवं 08/2026 के माध्यम से याचिकाएं दायर कर कथित अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की गई है।
कई कॉलोनियों के रहवासियों के प्रभावित होने का दावा
मंच के सदस्य एडवोकेट प्रभात यादव ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से मालगोदाम में हो रही गतिविधियों के कारण क्षेत्र में वायु, ध्वनि एवं रासायनिक प्रदूषण का प्रभाव पड़ा है। इसके चलते संजीवनी नगर, कंचन नगर, पुष्प नगर, गुरुकुंज कॉलोनी, गणेश नगर, श्रीनगर एवं भुलन बस्ती सहित आसपास के क्षेत्रों के निवासी प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण से प्रभावित नागरिकों को पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में 100 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाना चाहिए। मंच का कहना है कि इस संबंध में एनजीटी के समक्ष भी याचिका लंबित है और संबंधित विभागों से कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।
रेलवे और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजा नोटिस
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को उचित राहत और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। मंच का कहना है कि यदि आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो मामले को विभिन्न सक्षम मंचों पर आगे भी उठाया जाएगा।