जबलपुर। विजयनगर थाना अतंर्गत कृषि उपज मंडी गेट नंबर 1 के पास दो दिन पहले हुई लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया| दरअसल दो सगे भाईयों ने आर्थिक तंगी के चलते इस घटना को अंजाम दिया था उनका कोई पिछला अपराधिक रिकार्ड भी नहीं है|
पुलिस ने आरोपियों के पास से 14 लाख 91 हजार रुपए बरामद कर लिए है शेष राशि आरोपियों ने बैंक में जमा कर लोगों को भुगतान भी कर दिया जिस पर पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर अनुसंधान कर रही है| खास बात यह है कि लूट की वारदात को अंजाम देने वालें बल्कि गोल्डन टाउन ग्रीन सिटी निवासी दो सगे भाई है जो आर्थिक तंगी, कालेज की फीस और पारिवारिक जिम्मेदारियों से संघर्ष करते करते अपराध के रास्ते पर चल पड़े| दोनों आरोपी 6 साल पहले सीधी से जबलपुर आए थे|
पिता की दवाईयों का खर्च , बच्चों की फीस, पर्सनल लोन की ईएमआई के चलते परिवार कर्ज के बोझ तले दब गया और इसी घबराहट के बीच दोनों भाई अपराध के रास्ते में चल पड़े|
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 23 और 18 वर्ष है। मुख्य आरोपी 23 वर्षीय राहुल मनवानी और 18 वर्षीय ऋषि मनवानी ग्रीन सिटी गोल्डन टाउन क्षेत्र में , मानसिक रूप से कमजोर दादी, हार्ट पेशेंट पिता, बीमार मां और बहन के साथ रहता है। बताया जा रहा है कि यह परिवार करीब 5-6 साल पहले सीधी से जबलपुर आया था।
राहुल ने पूछताछ में बताया कि सीधी में उनके एक करीबी ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया था। जबलपुर आने के बाद उन्होंने रजिस्टर मैन्युफैक्चरिंग का काम शुरू किया, लेकिन उसमें घाटा हो गया, जिससे कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता चला गया।
घर की आर्थिक हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि दादी और माता-पिता की दवाइयों, दूध के बिल और छोटे भाई की कॉलेज फीस तक भरने के लिए पैसे नहीं थे। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि फीस न भर पाने के कारण छोटे भाई को कॉलेज से निकाल दिया गया था। इसी बीच बहन की शादी की चिंता भी परिवार पर हावी थी।
बैंक में बड़ी रकम देख आया लूट का विचार……..
पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले राहुल मनवानी किसी काम से बैंक गया था, जहां उसने मुनीम विकास साहू को बड़ी रकम निकालते हुए देखा। यहीं से उसके दिमाग में लूट का विचार आया। इसके बाद उसने मुनीम की रेकी की और पूरी योजना बनाकर अपने छोटे भाई को भी इसमें शामिल कर लिया।
योजना के तहत बुधवार दोपहर अनाज व्यापारी सतीश केसरवानी के मुनीम विकास साहू बैंक से 19 लाख रुपए निकालकर बाइक से दुकान की ओर लौट रहा था। जब वह कृषि उपज मंडी के गेट नंबर-1 के पास पहुंचा, तभी पहले से घात लगाए नकाबपोश आरोपियों ने उस पर लोहे की फोल्डिंग चाइना रॉड से हमला किया और रुपयों से भरा बैग छीनकर एक्टिवा से फरार हो गए।
एएसपी आयुष गुप्ता ने पुलिस कंट्रोलरुम में पत्रकारों से चर्चा कर बताया कि आरोपियों के पास से 14 लाख 71 हजार 490 रुपए घटना में प्रयुक्त एक्सिस वाहन, 2 मोबाइल और चाईना फोल्डिंग रॉड बरामद कर ली गई|
4 लाख बैंक में जमा कर किए भुगतान….
कर्ज में लदे दोनों भाईयों ने लूट की रकम से 4 लाख रुपए अपने खाते में जमा कर, बकायादारों को भुगतान कर दिए| पुलिस आरोपियों को रिमांड में लेकर किए गए भुगतान की रिकवरी करने के लिए प्रयास कर रही है|
मास्क बना पहचान………
बताया गया है कि आरोपियों ने पहचान छुपाने के लिए जो मास्क पहना था वही मास्क उनकी पहचान उजागर करने में मददगार साबित हुआ| दरअसल पुलिस ने सीसीटीव्ही फुटेज खंगाले तो उसके आधार पर एकता चौक स्थित एक मेडिकल शॉप में मास्क खरीदी का रिकार्ड देखा गया, मेडिकल शॉप की बिलिंग और फुटेज के आधार पर सीधे आरोपियों के घर पहुंच गए| बताया गया है कि दोनों आरोपी सेंट अलायसिस कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे| पढ़ाई, घर की जिम्मेदारी और बहन की शादी के दबाव में वे अपराध कर बैठे|
टीम में ये रहे शामिल…………
अपराधियों की खोजबीन करने में टीआई विजयनगर वीरेंद्र पवार, क्राईम ब्रांच के टीआई शैलेश मिश्रा, एसआई विजन तिवारी, सीसीटीव्ही फुटेज कंट्रोलरुम की आरक्षक पूनम, पूर्णिमा के साथ साथ माढ़ोताल, गोहलपुर जिला विशेष शाखा और क्राईम ब्रांच की टीम इस मामलें की जांच पड़ताल में सक्रिय रही|