400 करोड़ का ओवरब्रिज 3 साल में ढह गया,विधायक घनघोरिया ने विधानसभा में उठाया सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग की


जबलपुर, । मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जबलपुर पूर्व के विधायक लखन घनघोरिया ने शहर एवं प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण अधोसंरचना और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दों को गंभीरता से सदन में उठाया।

उन्होंने कहा कि 23 फरवरी को शहपुरा के पास ओवरब्रिज फ्लाईओवर पुल का गिरना अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने उल्लेख किया कि लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित फ्लाईओवर मात्र तीन वर्ष के भीतर गिर गया, जो निर्माण गुणवत्ता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

उन्होंने अध्यक्ष से आग्रह किया कि इस विषय को पृथक रूप से गंभीरता से लिया जाए और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए।


विधायक श्री घनघोरिया ने शिक्षा विभाग से संबंधित वित्तीय प्रक्रिया पर भी प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में जो राशि लोक शिक्षण संस्थानों के माध्यम से शिक्षा विभाग को आवंटित की जाती है, वह कलेक्टर के माध्यम से पारदर्शिता के साथ वितरित होती है, किंतु द्वितीय चरण में आवंटित राशि में गंभीर अनियमितताओं की आशंका है। उन्होंने सदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि 69 करोड़ रुपये की राशि कलेक्टर द्वारा आवंटित की गई—परंतु उसके व्यय और उपयोग पर प्रश्नचिह्न है।


श्री घनघोरिया ने सदन में यह भी कहा कि कई मामलों में बिना टेंडर और बिना सार्वजनिक सूचना के प्रस्ताव मंगाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर और ज्वाइंट डायरेक्टर स्तर से सीधे कार्य कराए गए, जिससे पारदर्शिता पर प्रश्न उठते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार बिल आदेश जारी होने से पहले ही कार्यवाही आगे बढ़ा दी जाती है, जो गंभीर वित्तीय विसंगति है।


उन्होंने मांग की कि प्रदेशभर में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा पिछले तीन वर्षों में कराए गए निर्माण कार्यों—मरम्मत से लेकर भवन निर्माण तक—की संपूर्ण जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि रिकॉर्ड की जांच की जाए तो कई स्थानों पर बिना भौतिक सत्यापन के भुगतान किए जाने के तथ्य सामने आ सकते हैं।


उन्होंने कहा कि जब सरकार स्वयं स्वीकार कर रही है कि गड़बड़ी हुई है और एफआईआर दर्ज की गई है, तो दोषी अधिकारियों को तत्काल हटाकर जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मैहर एवं रीवा संभाग सहित अन्य जिलों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब मामले व्यापक हैं, तो संपूर्ण प्रदेश में तीन वर्षों की जांच आवश्यक है।


विधानसभा में इस विषय पर मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जांच कराने का आश्वासन दिया और कहा कि जहां-जहां अनियमितता पाई जाएगी, वहां एफआईआर दर्ज कर आपराधिक प्रकरण बनाए जाएंगे तथा दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।


जबलपुर के दृष्टिकोण से यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधोसंरचना निर्माण और शिक्षा विभाग से जुड़ी वित्तीय पारदर्शिता सीधे जनहित और भविष्य की पीढ़ियों से जुड़ी है। विधायक लखन घनघोरिया ने स्पष्ट कहा कि विकास केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि गुणवत्ता, जवाबदेही और पारदर्शिता से सिद्ध होता है।