किसानों का युद्ध रोकने कलेक्टर को रविवार अवकाश के दिन धूप में बहाना पड़ा पसीना .

मंडला/नैनपुर ( मंडला ) के किसान भाइयो ने एक जुट होकर 4 मई, सोमवार को हजारो ट्रेक्टर वाहनों के साथ शासन- प्रशासन की नीतियों व कार्य प्रणाली के खिलाफ एक जुट होकर केवल किसान  के नाम पर, सभी किसानों के संयुक्त नेतृत्व में ( बिना किसी संगठन के नाम या तत्वाधान के, बिना झंडा, बैनर, पोस्टर, मोनो, लेटर पेड़ या किसी व्यक्ति के नाम व नेतृत्व या जिंदाबाद के मैंदान में जंग लड़ने का एलान किया था । कार्यकर्ताओ की टोलियाँ गांव गांव में किसानों को एक जुट होकर जंग में भाग लेने प्रेरित व संगठित करने निकल पड़ी थी। जंग की सूचना मंडला के कलेक्टर  को भी दी गई थी। युद्ध की तैयारियों की भनक लगते ही कलेक्टर ने एक दिन पहले ही  3 तारीख़ को रविवार अवकाश होने के बाद भी लाव लस्कर के साथ नैनपुर (मंडला ) पहुँच गये।
   भारत कृषक समाज के जिला अध्यक्ष रावेन्द्र सिंह परिहार एवं तहसील अध्यक्ष  अविनीश ठाकुर ने बताया की अधिकारियों के आने खबर लगते ही आनन फानन में मंडी में बैठने की व्यवस्था करनी पड़ी सभी किसान भाइयो व कार्यकर्ताओ को इकठ्ठा करने मशक्क्त की गई । सभी ने एक जुट होकर जोरदारी से अपनी पीड़ाओ से कलेक्टर एवं जिला प्रशासन को अवगत कराया। मुख्य रूप से गेहूँ खरीद में किसानों को हो रही दिक्कतों व अधिकांश माल के रिजेक्शन से किसानो मे व्याप्त रोष के साथ पराली, खाद, बीज, बिजली, सिचाई, आदि समस्याओं की विस्तार से जानकारी दी गई। कलेक्टर ने समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए निराकरण का अश्वासन दिया, तथा जिले में आयोजित बैठक में किसान प्रतिनिधियों को भाग लेने आमंत्रित किया।
   कलेक्टर से प्राप्त ठोस अश्वासन के बाद किसान भाइयो द्वारा 4 मई को लड़े जाने वाले जंग को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया । जिसकी सूचना सब गांव में दी जा रही है ।
  भारत कृषक समाज महाकौशल प्रांत के अध्यक्ष इंजी. के के अग्रवाल ने नैनपुर क्षेत्र के किसानों को सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा की यह किसानों की एक जुटता का परिणाम है। बिखरी व बटी हुई शक्ति कभी बेहतर परिणाम नहीं दे सकती। हमे अपने अहम, अहंकार, मतभेद त्याग कर किसान हित में एक जुट होना पड़ेगा तभी हम अपनी जंग जीत पाएंगे ।  नैनपुर के किसान भाइयो ने यह कर दिखाया, किसान समुदाय के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया