काशी तमिल संगमम 4.0 : तमिलनाडु से बनारस जाने वाली विशेष ट्रेन का जबलपुर में गर्मजोश स्वागत

जबलपुर। भारतीय रेलवे द्वारा “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करते हुए तमिलनाडु और काशी के मध्य प्राचीन सांस्कृतिक और भाषायी संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से काशी तमिल संगमम 4.0 का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को जबलपुर स्टेशन पर आगमन के दौरान विशेष ट्रेन का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।
तमिलनाडु के कोयंबटूर से काशी के लिए प्रस्थान करने वाली विशेष ट्रेन संख्या 06013 जब जबलपुर स्टेशन पहुँची, तो प्लेटफॉर्म स्टेशन परिसर में अद्भुत उत्सवी वातावरण देखने को मिला। यह विशेष ट्रेन उन प्रतिभागियों को बनारस लेकर जा रही है, जो इस बहु-दिवसीय सांस्कृतिक संगम में शामिल होकर दोनों प्राचीन सभ्यताओं—तमिल और काशी—के मध्य सम्बन्धों के पुनर्जीवन और संवर्धन में सहयोग देंगे।

सात विशेष ट्रेनों से सांस्कृतिक बंधन मजबूत…..

भारतीय रेलवे द्वारा तमिलनाडु के प्रमुख शहरों—चेन्नई, कोयम्बटूर, कन्याकुमारी सहित अन्य स्थानों से कुल सात विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
इन सभी सेवाओं के संचालन में समयबद्ध प्रस्थान, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा, लंबी दूरी की निर्बाध कनेक्टिविटी, कोचों में स्वच्छता एवं आवश्यक सुविधाएँ
को सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे और संबंधित मंडलों द्वारा समन्वित, चरणबद्ध एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई है।

जबलपुर में आत्मीय स्वागत……..

विशेष ट्रेन के जबलपुर आगमन पर मंडल की टीम ने प्लेटफॉर्म पर पहुंचकर सभी कोचों में जाकर यात्रियों का अभिवादन किया। यात्रियों से संवाद स्थापित करते हुए
उनका कुशल-क्षेम जाना गया, आवश्यकताओं एवं अनुभवों की जानकारी ली गई, यात्रियों को माला पहनाकर स्वागत किया गया उन्हें सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की शुभकामनाएँ दी गईं।

यात्रियों का उत्साह……….

ट्रेन में यात्रा कर रहे तमिलनाडु के यात्रियों में अत्यधिक उत्साह देखने को मिला। उन्होंने—ट्रेन की स्वच्छता, उपलब्ध सुविधाओं, समयपालन तथा रेलवे स्टाफ के सहयोगपूर्ण व्यवहार की सराहना की।
हिंदी भाषी रेलवे स्टाफ और तमिल भाषी यात्रियों के बीच हुए आत्मीय संवाद ने स्टेशन परिसर में सौहार्द का एक अद्वितीय सांस्कृतिक दृश्य प्रस्तुत किया।
उत्साह का माहौल इतना आनंदमय था कि कुछ महिला यात्री प्लेटफॉर्म पर उतरीं और खुशी में “जय श्री राम” के जयघोष के साथ सामूहिक शिव भजन गाने लगीं। यह दृश्य दो विविध संस्कृतियों के सुंदर संगम और परस्पर सम्मान की अनुपम मिसाल बना।

रेलवे—राष्ट्रीय एकता की संवाहक……….

काशी तमिल संगमम कार्यक्रम का उद्देश्य तमिल सभ्यता और काशी की प्राचीन सनातन परंपरा के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को पुनर्जीवित करना है।
भारतीय रेलवे इन विशेष ट्रेनों के माध्यम से— सुरक्षित, सुगम, समयबद्ध एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध यात्रा अनुभव प्रदान करते हुए देश के विविध क्षेत्रों को जोड़ने में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहा है।
सुव्यवस्थित संचालन व्यवस्था एवं यात्रियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के माध्यम से रेलवे ने न केवल यात्रा को सहज बनाया है बल्कि तमिलनाडु और काशी के बीच साझा सांस्कृतिक विरासत को और गहराई से जोड़ने में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।