भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहे कृषि वैज्ञानिक : मिश्रा, कृषि विज्ञान केन्द्रों की दो दिवसीय वार्षिक कार्य योजना कार्यशाला का शुभारंभ


जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले समस्त कृषि विज्ञान केन्द्रों की दो दिवसीय वार्षिक कार्य योजना-2026 कार्यशाला का शुभारंभ संचालनालय विस्तार सेवाएं के दर्पण सभागार में कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा के मुख्यआतिथ्य व आईसीएआर अटारी जोन के संचालक डॉ. एस. आर. के. सिंह के विशिष्ट आतिथ्य एवं संचालक विस्तार सेवाएं डॉ. टी.आर. शर्मा की अध्यक्षता में हुआ।

कार्यशाला में अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ धीरेन्द्र खरे, संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ जी के कोतु, संचालक शिक्षण डॉ अभिषेक शुक्ला मंचासीन रहे। कार्यशाला के मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. पी.के. मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि केवीके की गतिविधियों को सही समय में किसानों तक पहुंचाना अति आवश्यक है, भविष्य की चुनौतियों हेतु कृषि वैज्ञानिकों को तैयार रहना होगा, विकसित भारत के लिए कृषि में नई-नई तकनीक सही समय सही दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।


स्वागत उद्बोधन एवं कार्यशाला की आवश्यकता और उपयोगिता विषय में संचालक विस्तार सेवाएं डॉ. टी. आर. शर्मा ने महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।


संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. कौतु ने कहा कि एक्शन प्लान में 5 वर्षों की फसल किस्मों के उपयोग, समय पर बोआई, डीएसआर तकनीक, स्वाइल हेल्थ आदि को विशेष रूप से जोड़ना है।

अटारी निदेशक डॉ. एस.आर.के. सिंह ने अपने उद्वोधन में कहा कि नई टेक्नोलॉजी का प्रस्तुति बेहतर करे, ताकि किसानों को जानकारी सरल और सहज ढंग से प्राप्त हो सके।
दो दिवसीय वर्कशॉप में 26 केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुखों द्वारा वर्ष 2026 की कार्ययोजना की जानकारी पावर प्वाइंट के माध्यम से प्रस्तुत की गई।

इस दौरान जिले मे फार्मर्स फील्ड एवं केवीके फील्ड में किए जाने वाले कृषक हितैषी कार्य जैसे ओएफटी, एफएलडी, प्रशिक्षण, क्रॉप कैफेटेरिया, प्रदर्शन इकाई का प्रस्तुतिकरण आदि किया गया।
कार्यशाला का संचालन एवं आभार प्रदर्शन वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद गुप्ता द्वारा किया गया।