मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य के अपमान से रोष, जबलपुर में यूपी के सीएम का पुतला दहन

जबलपुर. उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में मौनी अमावस्या जैसे पवित्र अवसर पर जगत गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी की पालकी को रोके जाने तथा उनके साथ चल रहे वेद पाठियों, संतों और शिष्यों पर की गई बर्बरता के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को मालवीय चौक पर ज़ोरदार विरोध दर्ज कराया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला दहन कर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने तीव्र रोष प्रकट किया।

इस दौरान पार्षद दल सचेतक अयोध्या तिवारी ने कहा कि मौनी अमावस्या सनातन आस्था का अत्यंत पवित्र पर्व है। और ऐसे पुण्य अवसर पर शंकराचार्य जैसे धर्मगुरु की पालकी को रोकना और वेद पाठियों पर बल प्रयोग करना न केवल संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है, बल्कि यह सनातन संस्कृति और परंपराओं का खुला अपमान है।

पार्षद संतोष दुबे ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में सरकार के संरक्षण में धर्म के नाम पर पाखंड तो चल रहा है, लेकिन वास्तविक संतों, शंकराचार्यों और वैदिक परंपराओं का दमन किया जा रहा है। यह घटना दर्शाती है कि भाजपा सरकार की कथनी और करनी में गहरा अंतर है।

कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि शंकराचार्य जी से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगी जाए।  वेद पाठियों पर की गई बर्बरता के दोषियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई हो।  भविष्य में किसी भी धर्मगुरु या धार्मिक परंपरा के साथ इस प्रकार का व्यवहार न हो, इसकी गारंटी दी जाए।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”, “सनातन पर हमला बंद करो” जैसे नारे लगाए और चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी उग्र आंदोलन करेगी।

 इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा, पार्षद सतेन्द्र चौबे, पार्षद हर्षित यादव, अनुराग गढ़ावाल, ब्लॉक अध्यक्ष समर्थ अवस्थी, सोनू कुकरेले, रविन्द्र गौतम, मोनू अग्रवाल, मदन लारिया, प्रवेन्द चौहान, दीपक यादव, अरुण पवार आदि शामिल थे। धन्यवाद।