सिग्नल “ऑन” पार करने की घटनाओं की गहन समीक्षा, जबलपुर मंडल में संरक्षा सेमिनार का आयोजन


जबलपुर। जबलपुर मंडल में एक महत्वपूर्ण संरक्षा सेमिनार का आयोजन शुक्रवार को उमंग सामुदायिक भवन में किया गया। इस सेमिनार की अध्यक्षता प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी प्रवीण खोराना ने की।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यात्राओं की सुरक्षित संचालन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना तथा हाल के समय में सामने आई सिग्नल “ऑन” स्थिति में पार करने (एसपीएडी) की घटनाओं की समीक्षा करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाएँ रोकने हेतु विस्तृत चर्चा करना रहा।

सेमिनार में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने एसपीएडी घटनाओं के तकनीकी एवं मानवीय पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। प्रतिभागियों को सिग्नलिंग प्रक्रिया, परिचालन नियमों, मानव व्यवहार पैटर्न, ध्यान भंग होने के कारणों तथा सुरक्षा-संबंधी एसओपीएस का पालन सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया।


अध्यक्षता कर रहे प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी खोराना ने अपनी संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली संबोधन में कहा कि— सुरक्षा भारतीय रेल की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों का पालन, सतर्कता और बेहतर समन्वय ही सुरक्षित एवं सुचारू ट्रेन संचालन की नींव हैं।


कार्यक्रम में जबलपुर मंडल के कई वरिष्ठ रेल अधिकारी उपस्थित रहे| प्रज्ञेश निम्बालकर, उप मुख्य संरक्षा अधिकारी (यांत्रिक), अमित कुमार साहनी, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी, अजय कुमार शुक्ला, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, अक्षय कुमरावत, वरिष्ठ डी.ई.ई. (टीआरओ), श्याम नारायण, ए.डी.ई.ई. (टीआरओ) सेमिनार में लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, स्टेशन मास्टर, ट्रैक मशीन ऑपरेटर, ट्रेन मैनेजर सहित विभिन्न विभागों के लगभग 64 कर्मचारी शामिल हुए।

सभी प्रतिभागियों को एसपीएडी घटनाओं से बचाव, कैब में सतर्कता, ट्रेन संचालन के दौरान मानसिक एकाग्रता, थकान प्रबंधन, संचार प्रणाली के प्रभावी उपयोग तथा आपातकालीन स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।


कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कर्मियों ने रेलवे द्वारा आयोजित इस ज्ञानवर्धक सत्र की सराहना की और संरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संकल्प लिया।