जबलपुर के साथ अन्याय, नहीं है ऐसा खेल मैदान जहां हो सके रणजी ट्रॉफी


जबलपुर। जबलपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच तो दूर की बात है, रणजी ट्रॉफी कराने की व्यवस्था तक नहीं है| नीमखेड़ा में बीसीसीआई द्वारा प्रस्तावित क्रिकेट ग्राउंड को वर्षों के बाद भी नहीं बनाया गया है| वर्तमान में जबलपुर में एक भी ऐसा क्रिकेट ग्राउंड नहीं है, जिसमें प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट मैच हो सके, जबकि प्रदेश के अन्य शहरों में राष्ट्रीय स्तर तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच कराने के लिए ग्राउंड बन चुके हैं| यह जबलपुर की विडंबना ही कही जायेगी, कि इंदौर, ग्वालियर तथा पूर्व मध्यप्रदेश के और अब छत्तीसगढ़ के शहर रायपुर में तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच लगातार हो रहे हैं, लेकिन जबलपुर में रणजी ट्रॉफी तक की व्यवस्था नहीं है|

खेल मंत्री हस्तक्षेप करें…….

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के प्रांतध्यक्ष डॉ.पीजी नाजपांडे ने बताया कि नीमखेड़ा में बीसीसीआई द्वारा 4 साल से क्रिकेट ग्राउंड निमार्ण प्रस्तावित है, लेकिन पर्याप्त बजट आबंटित नहीं किए जाने के कारण यह प्रोजेक्ट धीमी गति से जारी है| तिलहरी स्पोर्टस परिसर में मप्र खेल विभाग ने 3 वर्ष पहले क्रिकेट ग्राउंड बनाने की योजना बनाई थी, किंतु बजट के अभाव में यह ग्राउंड नहीं बन सका है|
रानीताल स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स में ग्राउंड बनाया जा सकता है, लेकिन भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाया जाना जरुरी है|

जबलपुर के साथ भेदभाव तथा अन्याय………….

जनसंगठनों के रजत भार्गव, एड.वेदप्रकाश अधौलिया, टीके रायघटक, डीके सिंह, संतोष श्रीवास्तव, डीआर लखेरा, केपी सोनी, दिलीप कुंडे, एड.जीएस सोनकर, अर्जुन कुमार, आदियों ने आरोप लगाया कि यह जबलपुर के साथ भेदभाव तथा अन्याय है|