शहीद स्मारक भवन में परंपरा और कला का होगा अनूठा संगम
जबलपुर। गुंजन कला सदन, मध्य प्रदेश द्वारा आगामी 2 मार्च 2026 को आयोजित होने वाले ’33वें रसरंग महोत्सव’ की तैयारियों ने अब जोर पकड़ लिया है. इसी कड़ी में आज ‘युवा गुंजन’ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें महोत्सव को भव्य और सफल बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। बैठक में आयोजन की रूपरेखा साझा करते हुए सदस्यों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए युवा गुंजन के अध्यक्ष हिमांशु तिवारी ने आगामी कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय भागीदारी और उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रसरंग महोत्सव न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि यह धर्म, वर्ग और राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर समाज को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। उल्लेखनीय है कि ये आयोजन गुंजन कला सदन मध्यप्रदेश के डॉ. आनंद तिवारी (प्रांतीय अध्यक्ष),लायन नरेन्द्र जैन (प्रांतीय महामंत्री),सुरेश सराफ (प्रांतीय कोषाध्यक्ष) व प्रतुल श्रीवास्तव व विजय जायसवाल(प्रधान संयोजक) के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।
मुख्य आकर्षण होंगे पाँच सौ दूल्हे…
2 मार्च 2026, सोमवार को होलिका दहन की संध्या पर शहीद स्मारक भवन, जबलपुर में आयोजित होने वाला यह महोत्सव कई मायनों में खास होगा। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 6 बजे से होगी, जहाँ आमंत्रित अतिथियों का साफा-माला पहनाकर और ‘दूल्हा भेष’ में तिलक लगाकर अभिनंदन किया जाएगा। आयोजन में पांच सौ दूल्हे सम्मिलित होंगे। मुख्य मंच से औपचारिक उद्घोषणा शाम 7 बजे होगी। आयोजन के दौरान दीप प्रज्ज्वलन और स्तुति नृत्य के पश्चात संस्था के वरिष्ठ जनों का सम्मान किया जाएगा। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण ‘किन्नरों का आकर्षक परंपरागत नृत्य’ होगा, जो इस महोत्सव की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है। इसी क्रम में मोती शिवहरे के निर्देशन में नवरंग कथक कला केंद्र के कलाकार मधुर गीतों पर आकर्षक नृत्य करेंगे। लोककला से जुड़े राई और फाग भी इस आयोजन में दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। गुंजन कला सदन ने इस विशिष्ट आयोजन के लिए शहरवासियों को सपरिवार आमंत्रित किया है, ताकि वे इस भव्य सांस्कृतिक धरोहर और सौहार्दपूर्ण मिलन के साक्षी बन सकें।
आयोजन को ऐतिहासिक बनाने लिया संकल्प……
तैयारियों को लेकर आयोजित इस बैठक में युवा गुंजन की पूरी टीम ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक में मुख्य रूप से महामंत्री विक्रम परवार, उपाध्यक्ष विवेक सोनी, अभिजीत रॉय, जीपी सिंह, राजेश गुप्ता, एसबी चौबे, हेमन्त अरोरा, अखिल मदान, अभय पचौरी, निखिल तिवारी, निखिल अग्रवाल, मुनीश जायसवाल और केके वर्मा सहित बड़ी संख्या में अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने एक स्वर में महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया.