जबलपुर। न्यू भेड़ाघाट के ललपुर क्षेत्र में नर्मदा नदी पर बन रहे आइकॉनिक ब्रिज में गत 25 जनवरी की देर रात हुए हादसे ने शासन-प्रशासन को सतर्क कर दिया है। रिंग रोड फेज-2 परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन इस पुल के पिलर की सेंटिंग गिरने से हुई घटना को गंभीर मानते हुए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार कर दिल्ली स्थित केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को भेज दी गई है।
घटना रविवार रात 25 जनवरी को उस समय हुई, जब पिलर क्रमांक-22 पर कंक्रीट ढलाई का कार्य चल रहा था। लगभग 100 फीट की ऊंचाई पर लगी लोहे की सेंटिंग अचानक असंतुलित होकर नीचे गिर गई। मलबे की चपेट में आने से पश्चिम बंगाल के रहने वाले 35 वर्षीय मजदूर मुरसलीम की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हादसे की सूचना मिलते ही एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृतलाल साहू सहित अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रारंभिक निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में नट-बोल्ट ढीले होने अथवा किसी तकनीकी त्रुटि की संभावना जताई जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे मामले की फाइल केंद्रीय मंत्रालय को भेज दी है।
विशेषज्ञों की टीम करेगी जांच………
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय स्तर पर विशेषज्ञों की एक टीम गठित की जाएगी, जो मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी पहलुओं और सुरक्षा मानकों की विस्तार से जांच करेगी। इधर स्थानीय पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ऊंचाई पर कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए तय मानकों और इंतजामों का पालन किया गया था या नहीं।
गौरतलब है कि यह आइकॉनिक ब्रिज जबलपुर रिंग रोड परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे नर्मदा नदी पर एक विशिष्ट और आधुनिक संरचना के रूप में विकसित किया जा रहा है। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं, जिनका जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएगा।