जबलपुर। डुमना रोड पर स्थित ट्रिपल आईटीडीएम परिसर में चल रहे नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) कैंप में गुरुवार की देर शाम 31 कैडेट की अचानक सिर दर्द और उल्टी होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया| इसके बाद दूसरे दिन शुक्रवार को ऐसी ही शिकायत हुई और उन्हें अस्पताल लाया गया| इस तरह कुल पीड़ित बच्चों की संख्या 37 हो गई| उन्हें अब इलाज के लिए चिकित्सों की निगरानी में रखा गया है| आरोपित है कि खुले मैदान में चल रहे कड़े प्रशिक्षण के दौरान हीटवेव के हमले से बच्चों में ड्रीहाईड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के लक्षण मिले| प्रशिक्षण को लेकर अभिभावकों की आपत्ति और खान प पान की शिकायतों पर भी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है| जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी| घटना की जानकारी मिलने पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने सीएमएचओ डॉक्टर नवीन कोठारी से चर्चा की और सभी के समुचित उपचार के निर्देश दिए| सीएमएचओ डॉ.नवीन कोठारी ने बताया कि पीड़ित बच्चों में 21 छात्र और बाकी छात्राएं हैं| सभी की हालत अब बेहतर हैं| उन्होंने बताया कि उल्टी, दस्त लगने का कारण लू लगना हो सकता है। बहरहाल चिकित्सकों की निगरानी में बच्चों की ईसीजी जांच भी कराई गई है। फिलहाल चिकित्सकों का कहना है कि भीषण गर्मी के चलते एनसीसी कैडेट हीट स्टोक का शिकार हो गए हैं। इस वजह से उन्हें सिर में दर्द और उल्टियां होने लगी थीं।
यहां उल्लेखनीय है कि ट्रिपल आईटीडीएम परिसर में चल रहे एनसीसी कैंप में गुरूवार की रात कैडेट्स की खाना खाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई। सभी बच्चे सिर दर्द से पीड़ित थे और उल्टियां कर रहे थे। जिसके बाद आनन-फानन 37 बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल विक्टोरिया पहुंचाया गया। बताया जाता है कि एमपी आर्ड स्क्वाड्रन एनसीसी द्वारा 14 मई से ट्रिपल आईटीडीएम परिसर में 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, कटनी, छिंदवाड़ा, तेंदूखेड़ा, कटंगी और नुनसर सहित कई इलाकों से करीब 450 कैडेट्स शामिल हुए हैं। यहां बड़ा सवाल यह है कि इस भीषण गर्मी में जब पारा 43 से 45 डिग्री के बीच झूल रहा है तब एनसीसी कैडेट का प्रशिक्षण जारी क्यों रखा गया| स्कूलों में छुट्टियां दे दी गई| इस बीच एनसीसी प्रशिक्षण सवालों के घेरे में है| इधर सीएमएचओ का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जा रहा हैं| मेडिकल कॉलेज अस्पताल से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम विक्टोरिया अपस्ताल पहुंची है। एनसीसी कैंप से आए सभी बच्चे उनकी निगरानी में हैं। कुछ बच्चों की स्थिति अब सामान्य है, लेकिन मेडिकल से आए चिकित्सकों की राय पर उन्हें अगले 24 घंटे के लिए निगरानी में रखा गया है। फूड पॉइजनिंग की आशंका पर सीएमएचओ ने बताया कि सेंपल लिए गए हैं, जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। प्रारंभिक तौर पर तो बच्चों के बीमार होने के पीछे हीट स्टोक ही मुख्य वजह समझ आ रही है।
लगातार धूप में ट्रेनिंग चल रही…………
तेंदूखेड़ा से आए एक कैडेट ने बताया कि जबलपुर की तेज गर्मी कई बच्चे सहन नहीं कर पाए, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई. बच्चों ने बताया कि शिविर सात दिन पहले शुरू हुआ था और लगातार धूप में प्रशिक्षण चल रहा था. कुछ कैडेट्स ने खाने के बाद तबीयत खराब होने की भी बात कही है.