जबलपुर| जीसीएफ (आयुध निर्माणी) के विद्यानगर गेट पर आयोजित आम सभा को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉय फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एसएन पाठक ने सरकार से स्पष्ट मांग की है कि केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारियों को दिए जा रहे विकल्पों के सिलसिले में सबसे पहले कर्मचारियों की आवाज़ सुनी जाए और उनका विकल्प स्वीकार किया जाए।
श्री पाठक ने सभा में जोर देकर कहा कि वे और उनके साथियों का स्पष्ट रुख है — वे सरकारी कर्मचारी बने रहना चाहते हैं और सत्यनिष्ठा के साथ प्रसार भारती मॉडल जैसी व्यवस्था चाहते हैं, ताकि रिटायर होने तक उन्हें वे सुविधाएँ और अधिकार मिलते रहें जो नियुक्ति के समय तय किए गए थे।
सभा को संबोधित करते हुए एसएन पाठक ने ‘एडवांस ऑप्शन फार्म’ संबंधी विस्तार से जानकारी दी और उपस्थित कर्मचारियों के मन में उठ रहे अनेक प्रश्नों का बेबाकी से जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार दो विकल्प दे सकती है — या तो कर्मचारी सरकारी बने रहें या निगमीकरण (कॉर्पोरटाइजेशन) चुनें। उन्होंने दोनों विकल्पों के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं को स्पष्ट रूप से सभा के सामने रखा।
श्री पाठक ने बताया कि यदि कोई कर्मचारी “सरकारी” विकल्प चुनता है तो उसे सरप्र्लस सेल में रखा जा सकता है, जिससे उसे दूसरी जगह ट्रांसफर किया जा सकता है जहाँ उसका अनुभव न हो।
यह पुनर्नियुक्ति साबित होगी जिसमें उसकी सीनियरिटी प्रभावित हो सकती है और हाउस रेंट अलाउंस, ट्रैवलिंग अलाउंस, चाइल्ड केयर अलाउंस जैसे वर्तमान भत्तों से वंचित होना पड़ सकता है तथा विभागीय नियमों के अनुसार काम करना होगा।
इसके विपरीत, प्रसार भारती मॉडल अपनाने पर कर्मचारी उसी निर्माणी (यानी मौजूदा संस्थागत ढांचे) में सेवा करते रहेंगे और आयुध निर्माणी के वेतन-निर्धारण के लाभ प्राप्त करते हुए सरकारी दर्जा बनाये रख सकेंगे — यानी वे सरकारी कर्मचारी के रूप में रिटायर होंगे।
यदि किसी ने निगमीकरण चुन लिया तो वह निगम का कर्मचारी होगा और निगम के नियमों के तहत सेवा देनी होगी — प्रदर्शन संतोषजनक न होने पर तीन माह के नोटिस पर सेवा समाप्ति तक संभव हो सकती है।
एसएन पाठक ने अपने संबोधन में व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैं जीसीएफ का कर्मचारी था, यहीं से आप लोगों के प्यार और भरोसे ने मुझे ऑल इंडिया डिफ़ेन्स एम्प्लॉय फेडरेशन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया।
मैं ट्रेड यूनियन करता हूं, पॉलिटिक्स नहीं — इसलिए मैं आपको निष्पक्ष और सही सलाह देने आया हूं। अनेक जटिलताओं की सच्चाई आप सभी मोबाइल फोन के माध्यम से स्वयं जांच सकते हैं। संगठित रहें और सही समय पर सही फैसला लें।”
सभा में उपस्थित मजदूर संगठनों और वरिष्ठ नेताओं में प्रमुख रूप से हथौड़ा के विनय गुप्ता, रोहित यादव, उत्तम विश्वास, अमित चंदेल, राजा पांडे, बीरबल, पार्थ ओझा, राहुल गुप्ता, राजेश भारती, रितेश बेन, देवेंद्र प्रताप, आशीष विश्वकर्मा, विवेक शुक्ला, कृष्ण सैकत, बनर्जी, दीप विश्वकर्मा, जसवंत सिंह, भिमराज मीणा तथा वरिष्ठ नेता पीएम साहू शामिल थे।