मिडिया प्रमुख उत्तम बिस्वास द्वारा दि गई जानकारी के अनुसार आज GCF में संयुक्त संघर्ष समिति (aidef intuc bpms Cdra)द्वारा मुख्य महाप्रबंधक महोदय के माध्यम से डीडीजी फील्ड यूनिट को सेवानिवृत्ति तक सरकारी सेवा में बने रहने का एडवांस ऑप्शन फॉर्म दिया गया। जैसा कि विदित है केंद्र सरकार द्वारा आयुध निर्माणियों को सात अलग अलग डीपीएसयू में परिवर्तित कर दिया गया है। कर्मचारियों को फिलहाल डीम्ड डेप्युटेशन पर रखा गया है परन्तु सरकार द्वारा कर्मचारियों को डीपीएसयू में समामेलन (Absorption) हेतु सेवा शर्तों निर्धारण के लिए कमिटी का गठन किया गया है। जल्द ही कर्मचारियों को सरकारी या डीपीएसयू में शामिल होने के लिए विकल्प प्रस्तुत किए जाएंगे। इसी तारतम्य में सभी यूनियनों एवं एसोसिएशन द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाकर एडवांस ऑप्शन फॉर्म भरकर दिए गए है जिसमें ज्यादातर कर्मचारियों ने सेवानिवृति तक केंद्र सरकार के अधीन सेवा में ही रहने का विकल्प चुना है।
यहां पर यह बताना आवश्यक है कि सरकार द्वारा मद्रास उच्च न्यायालय में हलफनामा दिया गया है कि जब तक कर्मचारी स्वयं डीपीएसयू का विकल्प नहीं चुनते है तब तक उनकी सरकारी सेवा शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
सरकार से मांग की गई है कि प्रसार भारती की तरह कर्मचारियों के लिए गैजेट नोटिफिकेशन जारी किया जाए जिसमें सेवानिवृत्ति तक सभी सरकारी कर्मचारियों को केंद्र सरकार के अधीन ही रखा जाए।
इस अवसर पर मजदूर संघ हथौड़ा के रोहित यादव, अमित चंदेल, राजा पाण्डेय, श्रमिक संघ मिले हाथ से राकेश रजक, लक्ष्मी पटेल, कर्मचारी यूनियन तोप छाप से संतराम रजक, सिद्धार्थ ठाकुर एवं सिद्रा से राजेंद्र असाटी, अजय रजक और गजेटेड ऑफिसर एसोसिएशन से रघुनंदन पटेल जी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।