गलगला में भीषण आग से करोड़ो का माल खाक

जबलपुर। गलगला मार्केट मेंं शनिवार के तड़के 4 बजे के लगभग एक मार्केट में आग लग गई| यहां 9 दुकानें आग से प्रभावित हो गई| सूत्रों की माने तो इस दुर्घटना स्थल से थोड़ी दूर पटाखे की दुकान का एक स्टॉक भी रखा था, जिससे लोगों में दहशत व्याप्त हो गई|

आग लगने की घटना की सूचना मिलते ही फायर बिग्रेड के वाहन मौके पर पहुंचे| चूंकि तड़के यह हादसा हुआ, लिहाजा दमकल वाहन को पहुंचने में कोई परेशानी नहीं हुई| यदि यही हादसा दोपहर या शाम को हुआ होता तो हाहाकार मच जाती|

हादसे की वजह अभी सामने नहीं आई है फिलहाल शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है| इस हादसे में प्रारंभिक तौर पर एक से डेढ़ करोड़ के नुकसान होने का अनुमान है| मार्केट में सजावट और प्लास्टिक, क्राकरी की दुकानें थी| गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने क्षेत्र के व्यापारियों में हड़कंप मचा दिया है।


घटना की जानकारी मिलते ही दुकान संचालक हितेश टेहलानी मौके पर पहुंचे तो देखा कि पूरी दुकान आग की भयंकर लपटों में घिरी हुई है। बताया जा रहा है कि कुछ ही दिन पहले उन्होंने दीवाली के लिए भारी मात्रा में सजावट और जनरल आइटम्स का स्टॉक मंगवाया था। हर साल की तरह इस बार भी वे थोक और फुटकर व्यापार करने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।


फायर ब्रिगेड के सहायक फायर अधीक्षक राजेंद्र पटेल ने बताया कि आग पर काबू पाने में 25 से 30 ट्रिप पानी का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने कहा, “प्लास्टिक और सजावटी सामान होने के कारण आग जल्दी फैल गई और बुझाने में भी समय लगा।” सुबह 11 बजे तक भी फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर मौजूद रहीं और कूलिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा था, क्योंकि जलने के बाद भी प्लास्टिक और अन्य सामग्री से लगातार धुआं निकल रहा था।


दुकान मालिक हितेश टेहलानी ने फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली और संसाधनों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “दमकल दल के पास हाईटेक उपकरण और ऊंची सीढ़ियां नहीं थीं, जिससे आग पर जल्दी काबू पाना मुश्किल हुआ। अगर समय पर प्रभावी कार्रवाई होती, तो बड़ा हिस्सा बचाया जा सकता था।” उन्होंने यह भी बताया कि जेसीबी से शटर तोड़कर दमकल कर्मियों को अंदर प्रवेश करना पड़ा, जिसके बाद आग बुझाने की प्रक्रिया शुरू हो सकी।

आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के दुकानदार भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने अपनी दुकानों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे अन्य दुकानें और आवासीय मकान चपेट में आने से बच गए। एक व्यापारी ने बताया, “अगर यह हादसा दिन में होता, जब मार्केट में भीड़ होती, तो स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो सकती थी।”

कोतवाली सीएसपी रितेश कुमार शिव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है, लेकिन फायर ब्रिगेड और पुलिस की संयुक्त टीम घटना की पुख्ता जांच कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और आसपास के लोग स्थानीय फायर सब स्टेशन की मांग तेज इस घटना के बाद गलगला-मुकादमगंज रोड क्षेत्र के व्यापारियों ने स्थानीय फायर सब स्टेशन की मांग फिर से उठाई है।

व्यापारियों का कहना है कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में फायर ब्रिगेड की पहुंच देर से होती है, जिससे नुकसान बढ़ जाता है। यदि पास में एक सब स्टेशन हो, तो ऐसी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।