जबलपुर। प्रसंग अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा साहित्य परिसर, कचनार सिटी में आयोजित “याद-ए-बशीर बद्र” कार्यक्रम गरिमामय एवं भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नगर के कवियों, शायरों एवं साहित्यकारों ने देश के सुप्रसिद्ध शायर डॉ बशीर बद्र को अपनी ग़ज़लों और संस्मरणों के माध्यम से श्रद्धांजलि काव्यांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार विमलकांत एंडे ने की तथा अध्यक्षता शायर जनाब इरफान झांस्वी ने की। जबकि सारस्वत अतिथि निर्मला तिवारी निर्मल एवं विशिष्ट अतिथि डॉ आज्ञा मिश्रा रही एवं प्रदीप बकोरे, शेख निजामी रहे। डॉ विनीता पांडेय विनीत द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से आयोजन प्रारंभ हुआ। उद्बोधन में वक्ताओं ने कहा कि बशीर बद्र की शायरी ने प्रेम, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की हैं। उनकी रचनाएँ आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी। प्रसंग अंतरराष्ट्रीय संस्था के संस्थापक इंजीनियर विनोद नयन ने बशीर बद्र से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2003 में वे उनके ग़ज़ल संग्रह “कशिश” के विमोचन समारोह में जबलपुर आए थे तथा संस्था द्वारा आयोजित मुशायरे की अध्यक्षता की थी। उनके व्यक्तित्व की आत्मीयता और साहित्यिक ऊँचाई को स्मरण करते हुए उपस्थित जनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। नगर के रचनाकारों में सोहन सलिल,डॉ रानू रूही, बसंत शर्मा, मीना भट्ट, डॉ मकबूल अली, डॉ विनोद बाजपेई, सुभाष मणि बैरागी, प्रकाश सिंह ठाकुर, राशिद राही, रिजवान हकीमी, तरुणा खरे तनु, महव जबलपुरी, रेखा खरे, मनोज खरे राजा चौरसिया,जावेद नाज़,नीता सिंह, देवदर्शन सिंह डॉ मंजु श्री, ज्योति खरे, पुरुषोत्तम भट्ट, ने शानदार काव्य पाठ करते हुए पद्मश्री डॉ बशीर बद्र को काव्यांजलि अर्पित की। समारोह का संचालन प्रसंग अंतरराष्ट्रीय संस्था के संस्थापक इंजीनियर विनोद नयन ने किया एवं समारोह में उपस्थित सभी साहित्यकारों का अतिथियों का श्रोताओं का आभार प्रदर्शन डॉ विनीता पांडेय विनीत द्वारा किया गया।