जबलपुर। स्वतंत्र भारत में स्वदेशी की अलख जगाने वाले, स्वदेशी क्रांति को नया आयाम देने वाले राष्ट्रबंधु राजीव दीक्षित के जन्म जयंती पर 29 एवं 30 नवंबर को पूरे देश में स्वदेशी दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में राजीव दीक्षित स्वदेशी धाम के तत्वधान में जे के विद्यालय परिसर में आने वाली पीढ़ी को राजीव दीक्षित की शिक्षाओं से अवगत कराने, लोगो में स्वदेशी के प्रति जागरूक करने के उद्वेश्य से प्रथम स्वदेशी बाल मेला का आयोजन किया जिसमें राजीव दीक्षित के प्रत्यक्षदर्शी, भारतीय स्टेट बैंक के चीफ मैनेज (रिटायर्ड), भारत कृषक समाज के वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य रामकिशन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस मौके पर उन्होंने अपने व्याख्यान में स्वदेशी बाल मेले में उपस्थिति बच्चे, अभिभावक, ग्रामीजनों को स्वदेशी से समृद्धि की ओर जाने का मंत्र दिया साथ ही राजीव दीक्षित के प्रत्यक्षदर्शी होने के अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम में जितेन्द्र देसी ने अपने संबोधन में सबसे अपील की कि स्वदेशी ही अंतिम विकल्प है जिससे हम पुनः भारत को सोने की चिड़िया बना सकते है अतः सभी को स्वदेशी का मार्ग अपनाना चाहिए।
स्वदेशी बाल मेले में बच्चों के द्वारा विभिन्न स्वदेशी की तरफ आकर्षित करने हेतु प्रस्तुति दी। स्वदेशी मेले के मुख्य आकर्षण – स्वदेशी परिधान की झांकियां, स्वदेशी व्यंजन, स्वदेशी यंत्रों का प्रदर्शन, स्वदेशी बर्तनों का प्रदर्शन, स्वदेशी कृषि यंत्रों का प्रदर्शन, स्वदेशी खेल कूद, स्वदेशी उत्पाद, सांस्कृतिक, मनोरंजन गतिविधियां, सांस्कृतिक विरासत, रहन सहन, भेष भूषा आदि की मनोरम दृश्य देखने मिले।
कार्यक्रम में विशेष रूप से केशव प्रसाद विश्वकर्मा, जे के विद्यालय के संचालक डॉ के के विश्वकर्मा, संचालिका श्रीमती रीना पटेल, पूजा विश्वकर्मा, शिवानी पटेल, नेहा पटेल, भागवती सेन आदि शिक्षिकाएं, बच्चों में विभिन्न परिधानों, नृत्य आदि से आयशा पटेल, मुस्कान विश्वकर्मा, सुरभि बर्मन, आरव विश्वकर्मा, मोहिल कोल, कृष्णा दहिया सहित अन्य छात्र छात्राएं, अभिभावक, ग्रामीणजन उपस्थिति थे। कार्यक्रम का संचालन सोनम ठाकुर ने किया।