ट्राइबल विभाग के 65 हजार शिक्षकों को देनी होगी पात्रता परीक्षा।

25 से 28वर्ष की सेवा के पश्चात परीक्षा लेना अनुचित?

प्रदेश प्रवक्ता अनिल भार्गव वायु

जबलपुर/ मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अटल उपाध्याय ने बताया है कि 25 से 28 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के पश्चात कर्मचारी की परीक्षा लेना क्या सही है ? जनजातीय कार्य विभाग में पदस्थ शिक्षकों के लिए भी शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य कर दी गई है। नए निर्देशों के अनुसार ट्राइबल विभाग के करीब 65 हजार शिक्षकों को यह परीक्षा देनी होगी, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षकों के सामने नौकरी को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। विभाग में करीब 95 हजार शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 65 हजार को पात्रता परीक्षा देनी होगी।
          
           मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता अनिल भार्गव (वायु) ने बताया है कि  जनजातीय कार्य विभाग आयुक्त द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। सिविल अपील क्रमांक 1385/2025, 1386/2025 समेत अन्य मामलों में दिए गए आदेशों के आधार पर यह व्यवस्था लागू की जा रही है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के तहत पात्रता परीक्षा को अनिवार्य बनाया गया है। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के शिक्षकों को यह पात्रता परीक्षा दो वर्षों के भीतर अनिवार्य रूप से उत्तीर्ण करनी होगी। इसके लिए विभाग ने जुलाई-अगस्त 2026 में विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित कराने की तैयारी भी शुरू कर दी है। संभागीय उपायुक्त, सहायक आयुक्त और जिला संयोजकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को परीक्षा की जानकारी दें और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करें,  विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो शिक्षक अभी निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करते हैं, उन्हें इस परीक्षा में शामिल होकर पात्रता हासिल करनी होगी। आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

      संघ के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह ने इस प्रक्रिया पर रोष व्यक्त किया है उन्होंने कहा है कि जानकारी प्राप्त हुई है कि ए एन एम कार्यकर्ता वर्ष-2023 परीक्षा के अभ्यर्थियों का पुनः परीक्षण 6 अप्रैल से 17 अप्रैल तक अपर संचालक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा
के आदेश पर होने की चर्चा है।
जारी प्रेस नोट में बताया है कि महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ए.एन.एम.) वर्ष 2023 परीक्षा के अंतर्गत अपात्र घोषित अभ्यर्थियों का पुनः परीक्षण
कराना भी सही नहीं है।
         परीक्षण संचालनालय जयप्रकाश चिकित्सालय भोपाल, चिकित्सा शिक्षा विभाग सतपुड़ा भवन भोपाल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल एवं म.प्र. पब्लिक हेल्थ कॉर्पोरेशन लिमिटेड भोपाल में कराए जाने की चर्चा भी जोरों से हो रही है।
          मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अटल उपाध्याय,अरुण चतुर्वेदी, योगेन्द्र मिश्रा, अरुण पटेल, राजू मस्के, सुभाष गौतम, परशुराम तिवारी,बृजेश मिश्रा,के जी पाठक, हेमंत पाठक, दाल चंद पासी, राम शंकर शुक्ला , गगन चौबे, राकेश उपाध्याय, विनय नामदेव, सतीश उपाध्याय, ने पात्रता परीक्षा के नाम पर शिक्षको और कर्मचारियों की योग्यता सेवा में आने के 25 से 28 वर्ष पश्चात जांचने की प्रक्रिया को गलत बताया है। शासन से कर्मचारी हित में इस तरह के आदेश जारी ना करने की मांग की है।