जबलपुर। जिले के सरकारी स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार एक बार फिर उजागर हुआ है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने जिला अस्पताल विक्टोरिया में पदस्थ रिकॉर्ड कीपर एवं हाल-लीगल शाखा प्रभारी आकाश गुप्ता को 20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई द्वारका होटल के सामने, पुराना बस स्टैंड, राइट टाउन थाना मदन महल के पास की गई, जिससे पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
ईओडब्लयू की ओर से जारी बयान में कहा गया है की सिहोरा के ज्वालामुखी वार्ड क्रमांक 2 निवासी मनोज श्रीवास्तव के खिलाफ झूठी कार्यवाही रुकवाने के बदले में आरोपी आकाश गुप्ता ने 60 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी.
मनोज का कहना है की वह केवल ब्लड कलेक्शन का कार्य करता है. उसकी कोई लैब नहीं है. ब्लड कनेक्श कर जांच के लिये जबलपुर भेजता था.
मनोज ने बताया कि जिला अस्पताल में पदस्थ लिपिक आकाश गुप्ता ने लैब से जुड़ी कथित शिकायतों को आधार बनाते हुए जांच लंबित होने का हवाला दिया और जांच बंद कराने के एवज में ₹60,000 की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
इस पूरे मामले में अस्पताल परिसर में सक्रिय एक कथित दलाल सुमित का नाम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि सुमित पटेल जिला अस्पताल विक्टोरिया में दलाली का कार्य करता है और वह आकाश गुप्ता के साथ मिलकर शिकायतकर्ता पर लगातार दबाव बना रहा था।
मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों के द्वारा लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और बार-बार रिश्वत की मांग की जा रही थी, जिससे तंग आकर उसने ईओडब्लयू से संपर्क किया।
योजना बनाकर बिछाया जाल….
शिकायत की पुष्टि होने के बाद ईओडब्लयू की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही तय स्थान पर आरोपी 20 हजार की पहली किश्त लेते मिला, ईओडब्लयू की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(ए) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और इस बात की भी जांच की जा रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।