मॉनिटरिंग समिति बनाए जाए, ताकि कंपनियों को बहाना न मिले,जबलपुर में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने उपभोक्ता मंच ने दिया सुझाव


जबलपुर। जबलपुर में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के संबंध में नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच द्वारा दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में शुक्रवार को डुमना एयरपोर्ट में एयर कनेक्टिविटी को लेकर संयुक्त बैठक आयोजित की गई,

इस बैठक में नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की ओर से जबलपुर एयर कनेक्टिविटी मॉनिटरिंग समिति गठित करने का सुझाव प्रस्तुत किया गया|


डॉ पीजी नाजपांडे ने बताया कि वर्तमान की एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के संबंध में कुछ विमानन कंपनियों फ्लाईटस शुरु कर रही हैं| लेकिन बाद में हमेशा यह देखा गया है कि कुछ दिन के बाद यह फ्लाईट्स बंद कर दी जाती है|

बताया जाता है कि स्लॉट नहीं होने से फ्लाईट जारी करना मुश्किल हो गया है| ऐसी स्थिति में कंपनियों द्वारा फ्लाईटस जारी करना मुश्किल हो गया है| ऐसी स्थिति में कंपनियों द्वारा फ्लाईटस, उनके स्लॉटस, उनकी आर्थिक सुदृढ़ता आदि विषयों पर मॉनिटरिंग करना जरुरी हो गया है, जिससे कंपनियों को कोई बहाना नहीं मिल पाए|

इसीलिए डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन की अध्यक्षता में जबलपुर एयर कनेक्टिविटी मॉनिटरिंग कमेटी बनाना जरुरी है| यह समिति हमेशा मॉनिटरिंग कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी|
बैठक में सरकार की ओर से उपस्थित हुए अधिवक्ताओं ने भी इस सुझाव का समर्थन किया है|

जबलपुर के साथ भेदभाव क्यों..?……..

रजत भार्गव ने बैठक में इस बात को लेकर दुख व्यक्त किया गया है कि विमानन कंपनियां हमेशा जबलपुर के साथ भेदभाव कर रही हैं| जबकि उन्हीं की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि जबलपुर की फ्लाईटस हमेशा फुल रहती है, यहां पर ऑक्युपेंसी लगभग 90 प्रतिशत है|

अत: इकॉनामिक सुदृढ़ता बनी रहती है| ऐसे में इंदौर, भोपाल एवं ग्वालियर के समान की संख्या में फ्लाईटस नहीं रखकर जबलपुर की फ्लाईटस कम कर देना, यह पूर्णत: भेदभाव है|