जबलपुर। भारत अमेरिका डील पर इंडियन पीपुल्स अधिकार पार्टी (आईपीएपी) ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह डील कथित तौर पर भारत को आर्थिक राजनीतिक गुलामी की ओर धकेलने वाला समझौता साबित होगी। आईपीएपी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम तिवारी ने कहा कि यह व्यापार नहीं, देश के भविष्य के साथ खुला विश्वासघात हैं। डॉ. तिवारी ने भारत-अमेरिका डील पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह समझौता देश के इतिहास की सबसे खतरनाक, आत्मघाती और राष्ट्र विरोधी डीलों में से एक हैं। यह डील भारत को एक स्वतंत्र राष्ट्र से अमेरिकी हितों की कठपुतली बनाने की दिशा में ले जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार यह डील किसके दबाव में, किसके फायदे के लिए और देश के किस वर्ग के खिलाफ कर रही है यह आज पूरे देश के सामने सबसे बड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह डील किसान को बर्बाद करने की सुनियोजित साजि़श, टैरिफ असमानता की खुली आर्थिक लूट, मेक इन इंडिया को दफनाने का समझौता, बेरोजग़ारी का विस्फोट, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीति गिरवी रखने जैसी, स्वतंत्र विदेश नीति के अंत, कानून और नीति पर विदेशी कब्जे, लोकतंत्र के खुले अपमान साबित होगी। उन्होंने देश को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आज इस डील का विरोध नहीं हुआ तो भारत आर्थिक गुलामी में फँस जाएगा और आने वाली पीढिय़ां आज़ादी केवल किताबों में पढ़ेंगी और देश की संप्रभुता इतिहास बन जाएगी।