बैंक खातों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

जबलपुर। बेलबाग थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में बैंक खातों और एटीएम कार्डों का अवैध कारोबार करने वाले एक गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से विभिन्न बैंकों के 10 एटीएम कार्ड, 20 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और बिना नंबर की एक्सिस स्कूटी जब्त की है। प्रारंभिक जांच में मामला देश के विभिन्न राज्यों में हुई साइबर ठगी से जुड़ा सामने आया है।

थाना प्रभारी जितेंद्र पाटकर ने बताया कि 27 जून को बेलबाग तिराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान बिना नंबर की स्कूटी से जा रहे संदिग्ध युवक को रोककर पूछताछ की गई। उसने अपना नाम 31 वर्षी सौरभ कुमार रजक निवासी न्यू कंचनपुर, थाना आधारताल बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक सहित विभिन्न बैंकों के 10 एटीएम कार्ड तथा 20 हजार रुपये नकद बरामद हुए।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पुलिस पूछताछ में सौरभ ने बताया कि उसका संपर्क गोरखपुर थाना क्षेत्र की मांडवा बस्ती निवासी रोहित से हुआ था। रोहित अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क कर उसे प्रतिदिन कई एटीएम कार्ड उपलब्ध कराता था। उसके निर्देश पर सौरभ विभिन्न खातों में कैश डिपॉजिट मशीन के माध्यम से नकदी जमा करता था। बरामद 20 हजार रुपये भी वह जमा कराने ही जा रहा था।

व्हाट्सएप चैट से मिले साइबर ठगी के सबूत

साइबर सेल ने आरोपी का मोबाइल खंगाला तो “नितिन 3333” नामक व्हाट्सएप संपर्क से हुई बातचीत में कई लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खातों की जानकारी, पासबुक की प्रतियां, लॉगिन आईडी, पासवर्ड और क्यूआर/बारकोड साझा किए जाने के प्रमाण मिले।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने स्वयं विभिन्न बैंकों में कई खाते खुलवा रखे थे। पुलिस को इन खातों से जुड़े ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान में दर्ज साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से कनेक्शन सामने आया है। अन्य व्यक्तियों के खातों की जानकारी भी व्हाट्सएप के जरिए गिरोह के सदस्यों को भेजी गई थी।

तीन आरोपियों पर मामला दर्ज

पुलिस ने सौरभ रजक, रोहित (निवासी मांडवा बस्ती, गोरखपुर) तथा “नितिन 3333” नाम से व्हाट्सएप संचालित करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी सौरभ रजक को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।