National Desk। संसद के बजट सत्र को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। 2 अप्रैल को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने वाला सत्र पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। सरकार ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया है। अब लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही एक छोटे अंतराल के बाद 16 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोबारा शुरू होगी। यह सत्र 16 से 18 अप्रैल तक चलने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार सरकार का मुख्य फोकस महिला आरक्षण कानून को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ना है। इसके लिए लोकसभा की सीटों के परिसीमन और संख्या बढ़ाने से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक लाए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि इसी उद्देश्य से संसद का सत्र दोबारा बुलाया जा रहा है।
गुरुवार को राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान उपसभापति हरिवंश ने सदन को 16 अप्रैल तक स्थगित करने की घोषणा की। पहले तय कार्यक्रम के अनुसार 28 जनवरी से शुरू हुआ बजट सत्र 2 अप्रैल को समाप्त होना था, लेकिन सरकार के एजेंडे में कुछ अहम विधायी कार्य शेष होने के कारण कार्यक्रम में बदलाव किया गया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में संसद ने महिला आरक्षण विधेयक को पारित किया था। हालांकि उसमें प्रावधान था कि नई जनगणना और परिसीमन के बाद ही यह आरक्षण लागू होगा। इस प्रक्रिया में समय लगने की संभावना को देखते हुए अब सरकार संशोधन लाने की तैयारी में है, ताकि 2011 की जनगणना के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
चर्चा यह भी है कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 816 तक किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो बढ़ी हुई सीटों में से एक-तिहाई यानी लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर विस्तृत प्रस्ताव सामने आना बाकी है।
अब 16 अप्रैल से शुरू होने वाले सत्र पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े अहम फैसले सामने आ सकते हैं।