पुस्तकों का विकल्‍प केवल पुस्‍तकें ही हो सकती हैं:  राकेश सिंह

लोक निर्माण मंत्री ने पुस्‍तक मेला का किया अवलोकन

जबलपुर – गोल बाजार स्थित शहीद स्मारक परिसर में आयोजित तृतीय ‘पुस्तक मेला 2026’ के दूसरे दिन प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ उन्होंने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जबलपुर में वर्ष 2024 में 10 अप्रैल से शुरू हुई यह पहल अब एक बड़ा स्वरूप ले चुकी है। उन्होंने बताया कि जबलपुर के इस सफल आयोजन और इससे अभिभावकों को होने वाले लाभ को देखते हुए ही मध्यप्रदेश शासन ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में पुस्तक मेला लगाने का निर्णय लिया था। मंत्री श्री सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त की कि यह नवाचार अब पूरे प्रदेश के लिए एक ‘रोल मॉडल’ बन चुका है।

श्री सिंह ने कहा कि तकनीक के इस युग और मोबाइल की बढ़ती उपलब्धता के बावजूद पुस्तकों का कोई विकल्प तैयार नहीं हो सकता। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पुस्‍तकों का विकल्‍प केवल पुस्‍तकें ही हो सकती हैं। जिन्हें पुस्तक पढ़ने की आदत है, उन्हें संतुष्टि तभी मिलती है जब वे पुस्तक पढ़कर कुछ सीखते हैं। वे स्वयं भी पुस्तक पढ़कर ही सहज महसूस करते हैं। उन्‍होंने प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि तकनीकी के बदलते युग में भी एक बार फिर न केवल देश बल्कि विदेशों में भी लोगों का पुस्‍तकों की ओर रूझान बढ़ता जा रहा है।

मंत्री श्री सिंह ने अपने विद्यार्थी जीवन के संघर्ष और सफलता की यादें साझा करते हुए छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि वे रविवार को पुराने बाजार से विषयवार पुस्तकें इकट्ठा कर स्वयं के नोट्स बनाते थे और उन्हीं हस्तनिर्मित नोट्स की बदौलत उन्होंने बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी प्राप्त की थी।

लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने पुस्‍तक मेला में गरीब व जरूरतमंद बच्चों के लिए लगाये गये बुक बैंक स्‍टॉल की सराहना की, जहाँ नाम मात्र की कीमत पर पुरानी पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्‍होंने इसे अच्‍छी पहल बताते हुए कहा कि जो बच्‍चें अगली कक्षा में पहुंच चुके हैं, वो भी अपनी पिछले वर्ष की किताबें बुक बैंक को दान कर सकते हैं। बुक बैंक के माध्‍यम से यही किताबें जरूरतमंद बच्‍चों के काम आ रही है। पुस्‍तक मेला के आयोजन को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इसके माध्‍यम से जिनके पास आर्थिक संसाधन कम हैं वो भी कम दामों में यहां से पुस्‍तके, यूनिफार्म आदि सामग्री खरीदकर पढ़ाई कर सकते हैं। श्री सिंह ने इसकी सफलता के लिए शुभकामनाएं दी और निरंतरता बनाये रखने की अपेक्षा की।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री सिंह ने ओलंपियाड और नेशनल स्कॉलरशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के होनहार बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इन बच्‍चों को प्रमाण पत्र के साथ उपहार स्‍वरूप ट्रेक सूट, कैप, स्‍कूल बैग, पानी की बॉटल एवं स्‍टेशनरी सामग्री प्रदान की। लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने स्टॉल्स का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विद्यार्थियों से संवाद किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला शिक्षा अधिकारी घनश्‍याम सोनी ने मेले की विशेषताओं पर चर्चा करते हुए बताया कि इस वर्ष पुस्‍तक मेले में स्टॉल्स की संख्या बढ़कर 81 हो गई है, जहाँ पुस्तकों के साथ-साथ कॉपियां, गणवेश एवं सभी प्रकार की शैक्षणिक सामग्री तथा फूड स्टॉल्स भी लगाए गए हैं। मेले में किताबों पर 20 प्रतिशत तथा कॉपियों और अन्य स्टेशनरी सामग्री पर 50 प्रतिशत तक का सीधा डिस्काउंट एवं कूपन के माध्यम से अतिरिक्त 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष मेला 25 मार्च से शुरू किया गया है ताकि छात्रों को समय पर लाभ मिल सके।

पुस्‍तक मेला में दूसरे दिन आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ‘एकल योग स्तुति’ ने सभी को प्रभावित किया, वहीं बच्चों के आकर्षक नृत्य प्रदर्शन ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

जिला प्रशासन द्वारा स्‍कूली बच्‍चों एवं अभिभावकों को प्रतिस्‍पर्धी एवं न्‍यूनतम दरों पर निजी स्‍कूलों की पाठ्य पुस्‍तकें उपलब्‍ध कराने 25 मार्च से 5 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा बारह दिवसीय पुस्‍तक मेला प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक तथा शनिवार और रविवार को दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहेगा।

बुक बैंक में मिल रही कम दामों में किताबें


पुस्‍तक मेला में लगाया गया बुक बैंक का स्‍टॉल आकर्षण का केन्‍द्र बना हुआ है। जहां पुरानी किताबे बेहद कम दामों पर उपलब्‍ध हैं। बुक बैंक के स्‍टॉल में कक्षा पांचवी से आठवीं तक की किताबों का सेट मात्र 50 रूपये में तथा कक्षा नवमी से बारहवीं तक की किताबों का सेट 100 रूपये में उपलब्‍ध कराया जा रहा है। दान में मिली किताबें रेडक्रॉस सोसायटी के माध्‍यम से जरूरतमंद बच्‍चों को प्रदान की जा रही है।