जबलपुर। विद्युत कंपनियों द्वारा बिजली दरों में प्रस्तावित वृध्दि पर सुनवाई 23 फरवरी से 26 फरवरी तक की जानी है. यानी एक दिन बाद इस पर जनसुनवाई होगी, वो भी भोपाल में. आपत्तिकर्ता वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये भी अपने तर्क रख सकेंगे. लेकिन खास बात यह है की जिन उपभोक्ताओं ने एक माह पूर्व 25 फरवरी तक जो आपत्तियां प्रस्तुत की थीं, उनके जवाब अभी तक नहीं मिले हैं. नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने विद्युत नियामक आयोग को ईमेल भेजकर इन हालातों से अवगत कराया है.
आपत्तियां विद्युत कंपनी ने की दरकिनार…..
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ पीजी नाजपांडे ने आरोप लगाया कि विद्युत कंपनियों ने फ्री स्मार्ट मीटर का वादा तोड़कर उपभोक्ताओं से उसका खर्च वसूलना प्रस्तावित किया है. इतना ही नहीं विद्युत दरों में 10.19 फीसदी की भारी वृध्दि प्रस्तावित की है. उपभोक्ताओं की चिंता और आपत्तियों का निवारण नहीं किया गया. यहां तक आपत्तियों के जवाब भी नहीं दिये गये. लिहाजा यह बात स्पष्ट हो गई है कि विद्युत कंपनियां जनसुनवाई को महत्व नहीं देती. डॉ नाजपांडे के अलावा रजत भार्गव टीके रायघटक डीके सिंह एडवोकेट वेदप्रकाश अधोलिया, सुशीला कनौजिया, संतोष श्रीवास्तव, गीता पांडे, डीआर लखेरा, यश राजपूत आदि ने विद्युत कंपनियों के इस रवैये की निंदा की है.
हाईब्रिड मोड पर होगी जनसुनवाई…
आयोग ने इस बार जनसुनवाई को ‘हाइब्रिड मोड’ पर रखने का निर्णय लिया है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता अपनी बात रख सकें। जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही अपनी लिखित आपत्तियां दर्ज करा दी हैं, वे दो तरीकों से शामिल हो सकते हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़कर अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं या भोपाल स्थित विद्युत नियामक आयोग के कोर्ट कक्ष में स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं।
दाम बढ़ने के बजाय 15% कम हो सकते हैं……..
बिजली कंपनियों के टैरिफ बढ़ाने के तर्क को विशेषज्ञों ने चुनौती दी है। विद्युत मामलों के विशेषज्ञ एडवोकेट राजेंद्र अग्रवाल ने जानकारी दी है कि वर्तमान वित्तीय स्थिति को देखते हुए प्रदेश में बिजली के दाम बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके विपरीत, यदि गणना सही तरीके से की जाए तो टैरिफ में 15 प्रतिशत तक की कमी की जा सकती है। एडवोकेट अग्रवाल ने बताया कि वे दस्तावेजी प्रमाणों के साथ आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे। वे 23 फरवरी को निर्धारित सत्यापन याचिका (2024-25) और 24 फरवरी को पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की जनसुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर उपभोक्ताओं के हक में अपनी दलीलें पेश करेंगे