गौ माता में देवताओं का वास होता है, प्रमेश मिश्रा

जबलपुर। प्राणियों को शुभ या अशुभ कर्म का परिणाम खुद को ही भोगने पड़ते है, कर्म का सम्हाल करना चाहिए। गौ माता की सेवा करना चाहिए गौ माता में देवताओं का वास होता है, जीव को यज्ञ करना चाहिए यज्ञ से परम गति की प्राप्ति होती है, शुक्र नक्षत्र उदय होने के पश्चात ही सारे शुभ कार्य संपन्न होते हैं उक्त उदगार नरसिंह मंदिर में चल रहे श्री मद्भागवत कथा में प्रभु श्री कृष्ण जी के जन्म दिन के अवशर पर बनारस से पधारे भगवताचार्य पंडित श्री प्रमेश जी मिश्रा ने व्यक्त किए।
           गुरु महराज श्री ने भक्तों को ज्ञान यज्ञ के माध्यम से बताया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले शुभ कर्म में विघ्न नहीं डालना चाहिए। श्रीमद् भागवत कथा में परमपिता परमात्मा श्री कृष्ण भगवान का अंश विराजमान  है ,श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से जीव को मृत्यु लोक में समस्त सुखों की प्राप्ति होती है अंतिम समय में भी श्रीमद् भागवत कथा का आश्रय लाभदायक होता है, जीव के निर्वाण के लिए भी श्रीमद् भागवत कथा अमृत के समान है , प्रत्येक जीव को वाणी का संभल करना चाहिए ,जीव सदैव परमात्मा की भक्ति में लीन रहे यह परम सुख की प्राप्ति का मार्ग है, सदैव जीव को प्रभु भक्ति का आश्रय लेते रहना चाहिए,
               प्रत्येक व्यक्ति को 5 वृक्ष लगाना ,असहाय व्यक्तियों को आश्रय देना चाहिए प्रत्येक जीव में परमात्मा का वास होता है यह सोचकर प्रत्येक जीव के साथ अच्छे व्यवहार करने चाहिए , जीवन में जल अत्यन्त आवश्यक होता है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जल की व्यवस्था करना चाहिए,  इससे अन्य जीवों को लाभ प्राप्त होता है, परहित के समान कोई भी धर्म नहीं है इसलिए हमें चाहिए कि परहित का अवसर प्राप्त हो तो परहित करना चाहिए, श्रीमद् भागवत कथा में भगवताचार्य स्वर्गीय पंडित श्री कमलकांत जी महाराज जी को भी भक्तों ने स्मरण किया।
                 श्रीमद् भागवत कथा में यूके गौतम, अटल उपाध्याय, सतीश उपाध्याय, परसोत्तम , शैलेश उपाध्याय,श्रीमती सुमन उपाध्याय ,अभय उपाध्याय राकेश चौक  ने भक्तों से श्रीमद् भागवत कथा में पहुंच कर धर्म लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।