श्री बगलामुखी सिदध पीठ शंकराचार्य मठ सिविक सेंटर मढ़ाताल में दीपावली महापर्व पर मध्य रात्रि में भगवती पीतांबरा माँ बगलामुखी माता का विशेष पूजन, दीपों से सहस्त्रार्चन एवं महाआरती परम पूज्य ब्रह्मचारी श्री चैतन्यानन्द जी महाराज श्री के करकमलों से संपन्न हुई। पूज्य ब्रह्मचारी जी ने बताया कि”दीपो भवेत् सर्वमङ्गलम्”, अर्थात् जहाँ दीपक का प्रकाश होता है वहाँ मंगल ही मंगल होता है। दीपावली के दिन माँ लक्ष्मी और माँ बगलामुखी की आराधना करने से न केवल धन की वृद्धि होती है, बल्कि जीवन में शक्ति, शांति और समृद्ध का वास होता है। दीपमालिका का प्रत्येक दीपक हमारे भीतर के तम को दूर करता है, दीप प्रज्वलन को अज्ञान रूपी अंधकार के नाश और ज्ञान रूपी प्रकाश के उदय का प्रतीक बताया गया है। यदि मन शुद्ध हो, कर्म सात्विक हों और भावना श्रद्धा से भरी हो, तो माता कृपा स्वतः ही प्राप्त होती है। पूजन में उपस्थित पंकज दुबेडॉ संजय मिश्रा, सुधांशु गुप्ता रमेश महावर,
अज्जू सोनकर बृजेश दुबे, विज य घनघोरिया मनोज सेन आदि।