जबलपुर। मंगलवार की शाम करीब एक घंटे हुई तेज बारिश ने एक बार फिर शहर की व्यवस्थाओं की कलई खोल दी। कचरे से भरे नाले नालियां उफना गईं। कूड़ा कचड़ा सड़कों पर बिखर गया। हवाओं के चलने से पेड़ पौधों की डालियां हवा में झूलती हुई विद्युत लाईनों से टकराईं और कई क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था छिन्न भिन्न हो गर्ईं। तनिक सी बारिश ने सफाई व्यवस्था और विद्युत मेंटेनेंस की पोल खोलकर रख दी। शहर के अति व्यस्ततम मार्ग निवाड़गंज, सब्जी मंडी, गल्ला मंडी, बड़ा फुहारा, सिविक सेंटर, गंजीपुरा, गोलबाजार पानी पानी हो गया और गंदगी फैल गयी। वहीं कई क्षेत्र अंधेरे मे डूबे रहे।
यहां उल्लेखनीय है कि नगर निगम द्वारा एक माह पहले से वर्षा पूर्व तैयारियां की जा रही थीं। नाला नालियों की सफाई के दावे किये जा रहे थे। लेकिन मैदानी हकीकत यह है कि सड़कों की सफाई भी ठीक ढंग से नहीं हो पाई। इसी प्रकार विद्युत कंपनी द्वारा ट्रांसफार्मरों के रखरखाव और विद्युत लाईनों के मेंटेनेंस का दावा किया गया। हवा में झूलती लाईनें तनिक सी हवा में चिंगारी छोड़ती नजर आती हैं। कल शाम भी ऐसा ही हुआ, तेज हवाओं के चलने से गढ़ा, शांतिनगर, सिविल लाईन, अधारताल, विजय नगर, सिविक सेंटर, मढ़ाताल, गोलबाजार, गढ़ाफाटक, बड़ा फुहारा, गढ़ा, रांझी, अधारताल क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था छिन्न भिन्न हो गई और नालियों में भरा कचरा सड़क पर आ गया। नगर निगम द्वारा दिखावे के लिये नालों की सफाई तो कराई गई पर नियमित सफाई नहीं हो सकी और कचरे से पटे नाले जल्दी से उफना गये। इसी तरह वर्षों से गली मोहल्लों की नालियां साफ नहीं हुईं, उनमें चोक नालियों के कारण जल प्लावन हुआ। जिन क्षेत्रों में हाल ही में नाले साफ कराये गये थे, वहां कचरों के ढेर नहीं उठाये गये, जो पानी में बिलबिला गये।
दोपहर बाद चली तूफानी हवाएं…………..
मौसम विभाग की चेतावनी सही साबित हुई। जिले में दोपहर बाद अचानक बादल गरजे और आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। दोपहर 3 बजे से 4.30 बजे तक बारिश होती रही| इस दौरान कुल 9 मि.मी. बारिश दर्ज की गई ।
बारिश से मिली राहत, शाम सुहानी………….
बारिश ने जहां लोगों को 40डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी से राहत दी, शाम सुहानी हो गई थी, लेकिन शहर की विद्युत व्यवस्था चरमरा गईं। 40 से 50 किलोमीटर की तूफानी रफ्तार से चली हवाओं ने कई इलाकों में पेड़ गिरे, विद्युत लाईनें टूटी और विद्युत व्यवस्था ध्वस्त हो गई| विद्युत विभागों में शिकायतों का अंबार लग गया। आंधी से तार टूटने के कारण शहर के आधे से ज्यादा हिस्से में 4-5 घंटे बिजली गुल रही। अस्पताल और जरूरी सेवाएं जनरेटर पर चलीं।
आधा दर्जन स्थानों पर पेड़ गिरे…….
नगर निगम दमकल विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार चेरीताल में नाना नानी पार्क के पास, सिविल लाईन इलाहाबाद बैंक के पास, एमएलबी स्कूल के समीप, राईट टाउन, गौरीघाट रोड सुखसागर वैली के पास दो पेड़ और गौरीघाट थाने में लगाए गए वृक्ष गिर गए| इनसे यातायात बाधित हुआ, कोई जनहानि नहीं हुई| इसी तरह कटंगा चौराहे पर बेसमेंट में पानी भर गया| नगर निगम की टीमें पानी निकासी और वृक्षों को हटाने में जुटी रही। बिजली विभाग का कहना है कि 80 प्रतिशत फीडर रात 11 बजे तक चालू कर दिए जाएंगे।
कई क्षेत्रों में जलप्लावन…….
निचले इलाकों सिविक सेंटर, श्रीनाथ की तलैया, गढ़ा पुरवा, रांझी पुरानी बस्ती, मदनमहल अंडर ब्रिज, आमनपुर, चेरीताल, दमोहनाका, दीक्षितपुरा, बल्देवबाग, अग्रवाल कालोनी, संगम कालोनी, में सड़कों पर 1 से 2 फीट पानी भर गया। वाहन फंसे, पैदल चलना मुश्किल हुआ।
राहत के साथ आफत………
स्थानीय मौसम विज्ञान से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्री-मानसून गतिविधि के चलते बारिश हुई जो 9 मिलीमीटर दर्ज की गई| पिछले 24 घंटों के दौरान नगर का अधिकतम तापमान 40.00 डिग्री सेल्सियस सामान्य से 1 डिग्री कम और न्यूनतम तापमान 28.05 डिग्री सेल्सियस सामान्य रिकार्ड किया गया। हवा में नमी प्रातःकाल 61 प्रतिशत और सायंकाल 82 प्रतिशत आंकी गई। सूर्योदय सुबह 5.24 और सूर्यास्त 6.56 बजे हुआ। जबकि गत वर्ष के आज के दिन अधिकतम तापमान 42.06 और न्यूनतम तापमान 28.0 डिग्री रिकार्ड किया गया था। पश्चिमी हवाएं 6 से 7 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलीं। अगले 24 घंटों के दौरान जिले में तेज हवाओं के साथ गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है|