जबलपुर। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने जबलपुर सहित प्रदेश में अनेक स्थानों पर अवारा श्वानों के काटने के कारण रेबीज तथा अन्य बीमारियों से लगातार हो रही मौतों पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश शासन एवं नगर निगमों की लापरवाही इससे उजागर हो रही है|
मंच सहित अन्य संगठनों ने प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र भेजकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है| पत्र में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भी आवारा श्वानों पर नियंत्रण के लिए कोई भी एक्शन प्लान नहीं बनाया गया|
जबलपुर पीछे है………….
पत्र में कहा गया है कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर तथा उज्जैन की तुलना में जबलपुर नगर निगम आवारा श्वानों के नियंत्रण के काम में बहुत पीछे नजर आ रहा है| जनसंगठनों की बैठक में लिए गए निर्णयों के मुताबिक न तो सेंट्रल कमेटी की बैठक हुई और न ही कोई मानिटरिंग हुई|
उपभोक्ता मंच सहित अन्य जनसंगठनों की बैठक में इस बात पर रोष व्यक्त किया गया और मुख्य सचिव को पत्र भेजकर कार्रवाई करने की मांग का निर्णय लिया गया|
डॉग हाउस की क्षमता कम ……………
जबलपुर के एक मात्र कठौंदा डॉग हाउस की क्षमता बढ़ाने पर लगातार हुई चर्चा के बावजूद इस दिशा में पिछले 4 माहों में टेंडर तक जारी नहीं किए गए|
एक्शन प्लान नहीं बनाया…………
22 अगस्त को जारी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद भी आवारा श्वानों के टीकाकरण, नसबंदी, फीडिंग जोन, आदियों पर पिछले 4 माहों से कोई भी एक्शन प्लान नहीं बनाया गया है|
मानीटरिंग सेंट्रल कमेटी कब ?………..
गत 12 सितंबर को नगर निगम के साथ बैठक आयोजित कर निर्णय लिया गया था कि सेंट्रल कमेटी गठित कर शीघ्र ही उसकी बैठक आयोजित की जाएगी, किंतु न तो सेंट्रल कमेटी की बैठक हुई नही कोई मॉनिटरिंग शुरु हुई|
शुक्रवार को जनसंगठनों की बैठक में डॉ.पीजी नाजपांडे, रजत भार्गव, टीके रायघटक, डीके सिंह, एड.वेदप्रकाश अधौलिया, सुशीला कनौजिया, गीता पांडे, संतोष श्रीवास्तव, डीआर लखेरा, केसी सोनी, पीएस राजपूत आदि ने इस विषय पर गहरी चिंता व्यक्त की|