खतरनाक कीटाणु लेकर घूम रहे आवारा श्वान, जल, भूमि कर रहे दूषित, नगर निगम सुस्त


जबलपुर। विश्वविख्यात मेडिकल जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार आवारा श्वानों के शरीर पर 40 प्रतिशत तक कीटाणुओं का अतिरिक्त लोड रहता हैं| ऐसे श्वान शहर तथा गांवों की भूमि एवं जल दूषित कर रहे है| अत: संख्या घटाना जरुरी है|
आवारा श्वानों की संख्या घटाना इस कारण भी जरुरी हो गया है कि दिनों दिन डॉग बाईट के मामलें बढ़ रहे हैं| लेकिन नगर निगम महापौर तथा आयुक्त से लगातार बैठकें एवं चर्चा करने के बावजूद भी कोई ठोस एक्शन प्लान बनाकर उस पर कार्य किया नहीं जा रहा है|

आवारा श्वानों की गिनती नहीं की गई………

डॉ.पीजी नाजपांडे ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद भी जबलपुर में अभी तक आवारा श्वानों की गिनती नहीं की गई है| महापौर तथा आयुक्त ने 22 सितंबर, 8 नवंबर तथा 30 दिसंबर को चर्चा के दौरान यह आश्वासन दिया था कि नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी| महापौर ने यह भी घोषणा की थी, कि सेंट्रल तथा वार्ड समितियां गठित की जाएगी, लेकिन यह केवल घोषणाएं ही रह गई है|

स्कूलों एवं अस्पतालों से आवारा श्वानों को हटाया जाए…………

आवारा श्वानों के शरीर पर खतरनाक कीटाणुओं का लोड 40 प्रतिशत पाए जाने के बाद उन्हें स्कूलों एवं अस्पतालों से तत्काल हटाया जाये, अन्यथा वे बच्चों एवं मरीजों के लिए घातक होंगे|
उपभोक्ता मंच के रजत भार्गव, एड.वेदप्रकाश अधौलिया, टीके रायघटक, डीके सिंह, सुभाष चंद्रा, सुशीला कनौजिया, गीता पांडे, संतोष श्रीवास्तव, डीआर लखेरा, पीएस राजपूत, राममिलन शर्मा आदि ने नगर निगम से संबंध में कार्रवाई करने की मांग की है|