जबलपुर। साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सतत सक्रिय महाकोशल कॉलेज के सीनियर प्रोफेसर डॉ. अरुण शुक्ल को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित ‘साहित्यकार सम्मान उत्सव’ में सम्मानित किया गया है।इंडिया नेटबुक्स व बीपीए फाउंडेशन द्वारा विगत दिवस दिल्ली के मयूर विहार स्थित होटल क्राउन प्लाजा में आयोजित इस भव्य समारोह में प्रोफेसर शुक्ल को उनकी साहित्यिक निष्ठा और अकादमिक योगदान के लिए ‘साहित्याचार्य विभूषण सम्मान’ से गौरवान्वित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध वरिष्ठ लेखिका ममता कालिया ने की, जिनकी देखरेख में चयन समिति ने देश भर की विभूतियों का चयन किया था।
साहित्य के साथ सांस्कृतिक भूमिका भी अहम
प्रोफेसर अरुण शुक्ल केवल साहित्यिक लेखन तक सीमित नहीं हैं बल्कि वे सांस्कृतिक गतिविधियों में भी निरंतर सक्रिय रहते हैं। वे वर्तमान में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना और दिव्यांग प्रकोष्ठ के महत्वपूर्ण पदों पर रहकर छात्र हितैषी कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं। विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण और समाज के वंचित वर्ग की सहायता में उनकी भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। श्री शुक्ल के मार्गदर्शन में युवाओं को कैरियर सम्बन्धी प्रेरक व्याख्यान व सेमिनार भी सतत आयोजित किये जाते हैं। इस सम्मान समारोह में उनके साथ प्रोफेसर बलदेव भाई शर्मा को वेद व्यास शिखर सम्मान तथा केशू भाई देसाई एवं डॉ. संतोष चौबे सहित अन्य विद्वानों को विभिन्न श्रेणियों में अलंकृत किया गया। प्रोफेसर श्री शुक्ल को उनकी इस उपलब्धि और साहित्य के प्रति उनके समर्पण के लिए शुभचिंतकों एवं सहयोगियों द्वारा बधाई दी जा रही हैप्रोफेसर अरुण शुक्ल को दिल्ली में साहित्याचार्य विभूषण सम्मान से किया गया अलंकृत
जबलपुर के शिक्षाविद् एवं साहित्यकार को उल्लेखनीय सेवाओं के लिए दिल्ली में प्रदान किया गया सम्मान
जबलपुर। साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सतत सक्रिय महाकोशल कॉलेज के सीनियर प्रोफेसर डॉ. अरुण शुक्ल को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित ‘साहित्यकार सम्मान उत्सव’ में सम्मानित किया गया है।इंडिया नेटबुक्स व बीपीए फाउंडेशन द्वारा विगत दिवस दिल्ली के मयूर विहार स्थित होटल क्राउन प्लाजा में आयोजित इस भव्य समारोह में प्रोफेसर शुक्ल को उनकी साहित्यिक निष्ठा और अकादमिक योगदान के लिए ‘साहित्याचार्य विभूषण सम्मान’ से गौरवान्वित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध वरिष्ठ लेखिका ममता कालिया ने की, जिनकी देखरेख में चयन समिति ने देश भर की विभूतियों का चयन किया था।
साहित्य के साथ सांस्कृतिक भूमिका भी अहम
प्रोफेसर अरुण शुक्ल केवल साहित्यिक लेखन तक सीमित नहीं हैं बल्कि वे सांस्कृतिक गतिविधियों में भी निरंतर सक्रिय रहते हैं। वे वर्तमान में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना और दिव्यांग प्रकोष्ठ के महत्वपूर्ण पदों पर रहकर छात्र हितैषी कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं। विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण और समाज के वंचित वर्ग की सहायता में उनकी भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। श्री शुक्ल के मार्गदर्शन में युवाओं को कैरियर सम्बन्धी प्रेरक व्याख्यान व सेमिनार भी सतत आयोजित किये जाते हैं। इस सम्मान समारोह में उनके साथ प्रोफेसर बलदेव भाई शर्मा को वेद व्यास शिखर सम्मान तथा केशू भाई देसाई एवं डॉ. संतोष चौबे सहित अन्य विद्वानों को विभिन्न श्रेणियों में अलंकृत किया गया। प्रोफेसर श्री शुक्ल को उनकी इस उपलब्धि और साहित्य के प्रति उनके समर्पण के लिए शुभचिंतकों एवं सहयोगियों द्वारा बधाई दी जा रही है।