वीयू-जनजातीय कल्याण केंद्र, बरगाँव (डिंडोरी) में विशाल पशु टीकाकरण एवं उपचार शिविर
डिंडोरी /जनजातीय क्षेत्रों में पशुधन स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति देने के उद्देश्य से आज **जनजातीय कल्याण केंद्र, बरगाँव (डिंडोरी)** में एक विशाल ‘पशु टीकाकरण एवं उपचार शिविर’ का सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण अभियान में **नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (NDVSU), जबलपुर** ने एक सक्रिय सहभागी के रूप में अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और सहयोग प्रदान किया।
शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि **श्री लखन पटेल जी**, माननीय मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मध्य प्रदेश शासन द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में **श्रीमती संपतिया उइकेजी**, माननीय मंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता **डॉ. मनदीप शर्मा**, माननीय कुलगुरू, NDVSU, जबलपुर ने की।
### **पशुपालन ग्रामीण आजीविका का मुख्य आधार: श्री लखन पटेल जी**
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री लखन पटेल जी ने क्षेत्र के विकास में पशुपालन की भूमिका पर विशेष जोर दिया।
> उन्होंने कहा, “पशुपालन कृषि आजीविका का एक अनिवार्य हिस्सा है और ग्रामीण जीवन स्तर को सुधारने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार पशुपालन क्षेत्र को उन्नत बनाने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। हम **कृत्रिम गर्भाधान** जैसी विभिन्न गतिविधियों का दस्तावेजीकरण कर रहे हैं और फील्ड स्तर पर सेवाओं को बेहतर बनाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
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विशिष्ट अतिथि श्रीमती संपतिया उइके, विधायक शहपुरा श्री ओम प्रकाश धुर्वे ने जनजातीय कल्याण केंद्र के इस प्रयास की सराहना की और विद्यार्थियों से ग्रामीण सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।
### **मैदानी स्तर पर सक्रियता और उपचार**
शिविर में जनजातीय कल्याण केंद्र के श्री राजकुमार मटाले, वेटनरी कॉलेज की डीन डॉ. राखी वैश्य, विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. सुनील नायक , डीएसडब्ल्यू डॉ. आदित्य मिश्रा उपसंचालक डॉ शुक्ला, एवं डॉ सुनील बाजपेई सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
**अभियान की मुख्य विशेषताएं:**
* **छात्रों की भागीदारी:** NDVSU के 125 छात्रों तथा वेटरनरी कॉलेज जबलपुर के डाक्टरों को **50 टीमों** में विभाजित कर पूरे पैंतीस गांव क्षेत्र में तैनात किया गया।
* **टीकाकरण:** मुख्य रूप से **’गलघोंटू’ (Haemorrhagic Septicaemia)** जैसी घातक बीमारी के विरुद्ध बड़े पैमाने पर टीकाकरण किया गया।
* **उपचार:** गाय, भैंस और बकरियों के विभिन्न रोगों का मौके पर ही निदान और उपचार किया गया।
* **तकनीकी सहयोग:** जबलपुर वेटरनरी कॉलेज के डॉक्टर,पशुपालन विभाग के डॉक्टरों, द्वारा टीमों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।
### **किसानों और पशुपालकों में उत्साह**
बरगाँव और आसपास के पैंतीस गाँवों के सैकड़ों पशुपालकों ने इस शिविर का लाभ उठाया। सर्दियों के मौसम से पहले बीमारियों की रोकथाम के लिए किए गए इस प्रयास की ग्रामीणों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
कुलगुरू डॉ. मनदीप शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय इस तरह के आयोजनों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि इससे छात्रों को वास्तविक ग्रामीण चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. आदित्य मिश्रा ने जनजातीय कल्याण केंद्र, बरगाँव के सहयोग और सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया।