जबलपुर का एयर सर्किट बनाया जाए


जबलपुर। जबलपुर की वायुसेवाओं में सुधार लाने हेतु प्रदेश शासन को जबलपुर का एयर सर्किट बनाना चाहिए। जबलपुर के पांच सौ किलोमीटर की परिधि में आ रहे शहरों तक आ रही वायुसेवाओं का विस्तारीकरण कर उन्हें जबलपुर तक बढ़ाने का यथासंभव प्रयास करना चाहिए।

यह कथन है वायुसेवा संघर्ष समिति उड़ान जबलपुर के संयोजक हिमांशु खरे का। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विमानन कंपनियों के पास सीमित वायुयान हैं जिन्हें वे उसी मार्ग पर चलाते हैं जहां पर आशानुरूप व्यवसाय प्राप्त होता है तथा जहां जनप्रतिनिधियों की आवाज उन तक पहुंच सके।

जबलपुर में व्यावसायिक सफलता पर तो कोई भी संशय नहीं है किंतु हमारे जनप्रतिनिधियों का विमानन कंपनियों से सतत संपर्क नहीं है।

निवेश प्रोत्साहन की तर्ज पर पहल हो…..

हिमांशु खरे ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से पत्राचार के माध्यम से अनुरोध किया है कि जैसे वे प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन के लिए संपूर्ण देश में उद्योगपतियों से मिलकर प्रदेश में निवेश आमंत्रित कर रहे हैं उसी तर्ज पर जबलपुर को वायुसेवा के राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने विमानन कंपनियों से वार्ता कर जबलपुर की संभावनाओं पर चर्चा करना चाहिए।

प्रदेश के वैट का भी असर नहीं…….

जबलपुर संघर्ष समिति के मनु शरत तिवारी, हिमांशु राय, जितेंद्र पचौरी, दीपक सेठी, सोहन परोहा, सुनील श्रीवास्तव, इंद्र कुमार खन्ना, प्रीति चौधरी, अरुण पवार, कनिष्क सिंह राजपूत आदि ने उच्च न्यायालय के इस संबंध में जारी दिशा निर्देशों पर राज्य शासन से त्वरित कार्रवाई करने आग्रह किया है।

समिति ने उच्च न्यायालय का आभार व्यक्त किया है। सदस्यों ने बताया कि प्रदेश शासन द्वारा एयर टर्बाइन फ्यूल पर वैट को 4 प्रतिशत किया गया है लेकिन फिर भी जबलपुर में विमानन कंपनियों की रुचि प्रदर्शित नहीं होती है।


वायुसेवा संघर्ष समिति ने आशा व्यक्त की है कि निजी विमानन कंपनियों से शासन द्वारा शीघ्र वार्ता होगी जिससे समस्या का दीर्घकालीन समाधान निकल सके।