भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में आज स्वास्थ्य विभाग की मांग संख्या 19 पर चर्चा के दौरान जबलपुर उत्तर से विधायक डॉ. अभिलाष पाण्डेय ने राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना की। डॉ. पाण्डेय ने कहा कि वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के बजट में स्वास्थ्य के लिए 22 हजार 362 करोड़ 7 लाख 10 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है, जो राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1,442 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 158 सिविल अस्पताल कार्यरत हैं। इसके साथ ही उन्होंने आयुष्मान कार्ड योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि गरीब और असहाय नागरिकों के लिए जीवन रक्षक कवच बनकर उभरी है।
*मनमोहन नगर हॉस्पिटल को मिले सिविल हॉस्पिटल का दर्ज़ा,सुविधाओं को बढ़ाया जाए: डॉ अभिलाष पाण्डेय*
विधायक डॉ अभिलाष पाण्डेय ने उत्तर मध्य विधानसभा के मनमोहन नगर अस्पताल में 459 सामान्य प्रसव कराने के रिकॉर्ड का उल्लेख किया और अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्जा देने की मांग की। साथ ही विक्टोरिया अस्पताल के 245 बेड के उन्नयन और जबलपुर मेडिकल कॉलेज के लिए 800 करोड़ रुपये की स्वीकृति के लिए स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया।
डॉ. पाण्डेय ने सदन को संबोधित करते हुए एक हृदयस्पर्शी घटना साझा की। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान एक गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति ने उन्हें अपने घर बुलाया और उन्हें अपने मंदिर में ले गया, जहाँ भगवान की प्रतिमाओं के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चित्र भी विराजित था। उस व्यक्ति ने कहा कि डायलिसिस की स्थिति में पूरे परिवार ने साथ छोड़ दिया, लेकिन आयुष्मान कार्ड और प्रधानमंत्री जी का आशीर्वाद ही उसके साथ खड़ा रहा। डॉ. पाण्डेय ने कहा कि यह योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन में बदलाव ला रही है।
उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि वर्ष 2003 में प्रदेश का कुल बजट मात्र 23 हजार करोड़ था, जबकि इस वर्ष अकेले आयुष्मान कार्डधारकों के उपचार पर लगभग 12 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए। जबलपुर शहर में अकेले 375 करोड़ रुपये आयुष्मान कार्डधारकों के उपचार पर खर्च हुए।
डॉ. पाण्डेय ने 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान योजना के विस्तार की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जहाँ बीमा कंपनियाँ भी इंश्योरेंस देने से कतराती हैं, वहाँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने बुजुर्गों के इलाज की चिंता की है।
उन्होंने उज्जैन में आयुष्मान एम्स की स्थापना को आयुर्वेद के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के लिए 1.5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था को भी संवेदनशील सरकार का प्रतीक बताया।
*गर्भवती महिलाएं मोबाइल का उपयोग कम से कम करें,बच्चों के विकास पर पड़ता है विपरीत प्रभाव: डॉ अभिलाष पाण्डेय*
डॉ. पाण्डेय ने बच्चों में बढ़ते मोबाइल की लत और उससे उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने एम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2001 में 7 प्रतिशत बच्चों को चश्मा लगता था, जो 2025 में बढ़कर 14.9 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं द्वारा अत्यधिक मोबाइल उपयोग को इसका एक कारण बताते हुए डॉक्टरों द्वारा परामर्श देने की सिफारिश की।
डॉ. पाण्डेय ने अपने वक्तव्य का समापन करते हुए कहा, “हर सफल व्यक्ति परिणाम देता है, असफल व्यक्ति केवल कारण बताता है।” उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार परिणाम देने वाली सरकार है और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उठाए गए कदम इसके प्रमाण हैं।