जबलपुर। आईटीआई माढ़ोताल स्थित आदिवासी बस्ती में कजलिया मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूर्व मंत्री कौशल्या गोटिया एवं अनीता गोटिया के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में आदिवासी समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक तरीके से कजलिया पर्व मनाते हुए समाज की संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज के लिए अलग धर्म कोड की मांग को लेकर भी चर्चा हुई। समाजजनों ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए धर्म कोड महत्वपूर्ण है। इसे लेकर लोगों में खासा उत्साह नजर आया।
पोस्टकार्ड अभियान में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
कार्यक्रम में आदिवासी शबरी महासंघ के प्रतिनिधियों ने समाजजनों से संवाद किया और धर्म कोड की मांग को लेकर चलाए जा रहे पोस्टकार्ड अभियान की जानकारी दी। बस्ती की पढ़ी-लिखी युवतियों और महिलाओं ने अभियान में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने पोस्टकार्ड लिखकर अभियान से जुड़ने के साथ इसे आगे बढ़ाने में सहयोग का भरोसा दिलाया।इस दौरान पूर्व मंत्री कौशल्या गोटिया ने कहा कि आदिवासी समाज के लिए धर्म कोड आवश्यक है। धर्म कोड मिलने से समाज की पहचान मजबूत होगी और आदिवासी समाज की तस्वीर बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
कजलिया मिलन में दिखा आदिवासी समाज का उत्साह, धर्म कोड को लेकर चलाया पोस्टकार्ड अभियान
आईटीआई माढ़ोताल की आदिवासी बस्ती में जुटे समाजजन, मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा भी उठा
जबलपुर। आईटीआई माढ़ोताल स्थित आदिवासी बस्ती में कजलिया मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूर्व मंत्री कौशल्या गोटिया एवं अनीता गोटिया के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में आदिवासी समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक तरीके से कजलिया पर्व मनाते हुए समाज की संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज के लिए अलग धर्म कोड की मांग को लेकर भी चर्चा हुई। समाजजनों ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए धर्म कोड महत्वपूर्ण है। इसे लेकर लोगों में खासा उत्साह नजर आया।
पोस्टकार्ड अभियान में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
कार्यक्रम में आदिवासी शबरी महासंघ के प्रतिनिधियों ने समाजजनों से संवाद किया और धर्म कोड की मांग को लेकर चलाए जा रहे पोस्टकार्ड अभियान की जानकारी दी। बस्ती की पढ़ी-लिखी युवतियों और महिलाओं ने अभियान में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने पोस्टकार्ड लिखकर अभियान से जुड़ने के साथ इसे आगे बढ़ाने में सहयोग का भरोसा दिलाया।
इस दौरान पूर्व मंत्री कौशल्या गोटिया ने कहा कि आदिवासी समाज के लिए धर्म कोड आवश्यक है। धर्म कोड मिलने से समाज की पहचान मजबूत होगी और आदिवासी समाज की तस्वीर बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
बस्ती में मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा भी उठा
कजलिया मिलन के दौरान बस्ती की स्थानीय समस्याओं पर भी चर्चा हुई। समाजजनों ने बताया कि बस्ती में कई जरूरी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और लंबे समय से लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। कार्यक्रम के दौरान इन समस्याओं को लेकर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम में रोशन लाल कोल, कुंजीलाल गोटिया, मगन सिंह भूमिया, शिव गोटिया, ख्याली सिंह, धर्मेंद्र गोटिया सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
कजलिया मिलन के दौरान बस्ती की स्थानीय समस्याओं पर भी चर्चा हुई। समाजजनों ने बताया कि बस्ती में कई जरूरी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और लंबे समय से लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। कार्यक्रम के दौरान इन समस्याओं को लेकर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम में रोशन लाल कोल, कुंजीलाल गोटिया, मगन सिंह भूमिया, शिव गोटिया, ख्याली सिंह, धर्मेंद्र गोटिया सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।