नर्मदा, परियट और गौर नदी किनारे की डेयरियों से जल प्रदूषण, एनजीटी में नई याचिका, डेयरी स्टेट में डेयरियों की शिफ्टिंग नहीं होने से प्रदूषित हो रहा जल


जबलपुर। नर्मदा, परियट और गौर नदियों के किनारों पर संचालित डेयरियों के कारण जल प्रदूषण की स्थिति को लेकर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) का दरवाजा खटखटाया है। मंच का आरोप है कि नदियों के किनारे स्थापित डेयरियों और शहर के अन्य स्थानों पर संचालित डेयरियों को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ग्राम खमरिया में आवंटित भूमि पर विकसित डेयरी स्टेट में स्थानांतरित नहीं किया गया है। इसके कारण नदियों का जल प्रदूषित हो रहा है और अन्य क्षेत्रों में भी प्रदूषण फैल रहा है।
मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नजपांडे ने 29 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय हरित अधिकरण की सेंट्रल जोन बेंच भोपाल में अवमानना याचिका दायर की है। याचिका में डेयरियों को निर्धारित डेयरी स्टेट में शिफ्ट नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया गया है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रभात यादव के अनुसार डेयरियों से संबंधित मामले में पूर्व में ही राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा आदेश पारित किए जा चुके हैं, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया। मंच का कहना है कि आदेशों के बावजूद डेयरियों का स्थानांतरण नहीं होने से नदियों और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण की समस्या बनी हुई है। मंच ने इस स्थिति को चिंताजनक बताते हुए संबंधित आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।