जबलपुर। बिजली की कमी के बीच सिंचाई के लिए सोलर कृषि पंप किसानों के लिए महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरे हैं, लेकिन योजना की जटिल औपचारिकताओं और दस्तावेजों में विसंगतियों के चलते पात्र किसान इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। जबलपुर जिले में मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा चयनित 259 किसानों के सोलर पंप स्थापना संबंधी प्रकरण बैंक में लंबित हैं। भारत कृषक समाज ने इन बाधाओं को दूर कर रबी सीजन से पहले किसानों के खेतों में सोलर पंप स्थापित कराने की मांग की है।योजना के तहत किसानों को कुल लागत की 10 प्रतिशत राशि मार्जिन मनी के रूप में जमा करनी है, जबकि शेष 90 प्रतिशत राशि किसान के नाम पर बैंक से ऋण के रूप में स्वीकृत कराई जानी है, जिसका भुगतान शासन द्वारा किया जाएगा। कृषक समाज के अनुसार, किसानों ने 31 मार्च के पहले अपनी मार्जिन मनी जमा कर दी थी। इसके बावजूद बैंक और पोर्टल से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण अनेक किसानों के प्रकरण अटके हुए हैं।
किसानों को योजना का लाभ दिलाने के लिए भारत कृषक समाज के पदाधिकारियों ने पिछले माह सिविक सेंटर स्थित ऊर्जा विकास निगम कार्यालय में अधिकारियों से चर्चा की थी। इसके बाद किसानों को बैंक की औपचारिकताएं पूरी कराने और वेंडर एजेंसियों से समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया। इसी सिलसिले में कृषक समाज के के.के. अग्रवाल, रामकिशन पटेल और व्ही.के. पंड्या ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की तिलवाराघाट शाखा के प्रबंधक शैलेन्द्र कुमार से मुलाकात कर लंबित प्रकरणों पर चर्चा की।शाखा प्रबंधक ने बताया कि किसानों के दस्तावेजों और ऑनलाइन विवरण में विसंगतियों के कारण ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। कई किसानों के आधार कार्ड और बैंक खातों में दर्ज नामों का मिलान नहीं हो रहा है। नाम की वर्तनी में मामूली अंतर होने से भी ओटीपी और डिजिटल सत्यापन में परेशानी आ रही है। किसानों को संबंधित बैंक शाखा में जाकर केवाईसी और सीआईएफ संबंधी विवरण दुरुस्त कराने की सलाह दी गई है।
इसी तरह ऊर्जा विभाग के पोर्टल पर कुछ किसानों के नाम गलत दर्ज हैं। ऐसे किसानों को आवेदन क्रमांक के आधार पर एमपी ऑनलाइन के माध्यम से विवरण की जांच कराकर सुधार कराना होगा। पोर्टल और बैंक में अलग-अलग मोबाइल नंबर दर्ज होने से भी ओटीपी प्राप्त करने में परेशानी आ रही है। इसके अलावा किसानों को चयनित वेंडर कंपनी से संपर्क कर एआईएफ संबंधी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बैंक द्वारा ई-साइन के लिए लिंक भेजी जाएगी, जिसे पूरा करना आवश्यक है।भारत कृषक समाज का कहना है कि अधिकांश लाभार्थी छोटे किसान हैं और वे ऑनलाइन प्रक्रियाओं तथा तकनीकी औपचारिकताओं से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। उचित मार्गदर्शन के अभाव में उन्हें बैंक और पोर्टल संबंधी कार्य पूरे करने में परेशानी हो रही है। यदि समय रहते समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो पात्र किसान रबी सीजन में सोलर पंप योजना के लाभ से वंचित रह सकते हैं।कृषक समाज ने कलेक्टर से मांग की है कि किसानों की बैंक संबंधी औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों और पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण हो सके और निर्धारित समय में सोलर पंप स्थापित किए जा सकें।संगठन ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को ई-मेल से भेजे पत्र में बिजली की कमी को देखते हुए सोलर कृषि पंप योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया है। साथ ही नए किसानों के पंजीयन के लिए पोर्टल शीघ्र खोलने और पहले से पंजीकृत किसानों के यहां पंप स्थापना में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर करने की मांग की है।