जबलपुर। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में अधिकारियों और थाना प्रभारियों को लंबित गंभीर अपराधों का शीघ्र निराकरण करने, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए, जिससे आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव और असामाजिक तत्वों में कानून का भय बना रहे।
दोपहर 2 बजे आयोजित बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़, मनीष भारद्वाज, जोन-4 की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी, जोन-2 की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पल्लवी शुक्ला, यातायात के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश तिवारी तथा बीएस गोठरिया सहित सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
हत्या, लूट और महिला संबंधी अपराधों की समीक्षा………
बैठक में भारतीय दंड संहिता एवं भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज अपराधों, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और अन्य अधिनियमों के प्रकरणों की समीक्षा की गई। हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, झपटमारी, नकबजनी, अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा महिला संबंधी अपराधों में लंबित मामलों की थानावार समीक्षा करते हुए एसपी ने शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महिला संबंधी अपराधों में संवेदनशीलता बरतते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए और विवेचना पूरी कर समय पर चालान पेश किया जाए। अपहृत नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। उनके जिले से बाहर होने की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस टीम रवाना की जाए।
संपत्ति संबंधी अपराधों में आरोपियों की पतासाजी, गिरफ्तारी और चोरी गई संपत्ति की बरामदगी पर भी विशेष जोर दिया गया। गंभीर अपराधों, साइबर ठगी और धोखाधड़ी के मामलों में फरार आरोपियों एवं वारंटियों की तलाश के लिए दूसरे जिलों में भी पुलिस टीमें भेजने के निर्देश दिए गए।
शिकायतों और साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई………..
एसपी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, वरिष्ठ कार्यालयों और जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए उनके प्राथमिकता के आधार पर निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए सभी थानों में संचालित साइबर हेल्प डेस्क को सक्रिय रखने और प्रशिक्षित कर्मचारियों के माध्यम से पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया। साइबर ठगी, सोशल मीडिया धोखाधड़ी और अन्य ऑनलाइन अपराधों में शिकायत मिलते ही त्वरित प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिए गए, ताकि शुरुआती समय में कार्रवाई कर पीड़ितों को राहत दिलाई जा सके।
गुम हुए मोबाइल फोन की शिकायतों पर भी तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित पोर्टल के माध्यम से मोबाइल का पता लगाने और उन्हें उनके मालिकों को वापस दिलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में सीसीटीएनएस, ई-साक्ष्य, ई-विवेचना, ई-एफआईआर, ई-चालान और ई-समन से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई।
दुर्गा उत्सव और दशहरा पर विशेष सतर्कता…………
आगामी दुर्गा उत्सव और दशहरा पर्व को देखते हुए एसपी ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जबलपुर में दुर्गा उत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाता है। सप्तमी, अष्टमी और नवमी को बड़ी संख्या में श्रद्धालु सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित प्रतिमाओं के दर्शन के लिए निकलते हैं। ऐसे में पुलिस को भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा।
एसपी ने थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में आयोजित होने वाले गरबा, चल समारोह, भंडारे और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रतिमाएं पारंपरिक स्थानों पर ही स्थापित की जाएं और जुलूस निर्धारित पारंपरिक मार्गों से ही निकाले जाएं। संवेदनशील स्थानों पर आवश्यकतानुसार पुलिस पिकेट तैनात किए जाएं।
पंडालों में अग्नि सुरक्षा और सीसीटीवी अनिवार्य……….
प्रतिमा स्थापना समितियों, डीजे एवं लाइट संचालकों, भंडारा आयोजकों और चल समारोह समितियों के साथ बैठक कर सुरक्षा संबंधी निर्देश देने को कहा गया। पंडाल इस तरह लगाए जाएं कि आम नागरिकों का आवागमन बाधित न हो। प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र और रेत से भरी बाल्टियां रखना सुनिश्चित किया जाए।
विद्युत सजावट में कटे-फटे तारों का इस्तेमाल न हो। आपातकालीन वाहनों, दमकल, पुलिस वाहन और एंबुलेंस की आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह रखी जाए। सड़क के आर-पार लाइटिंग करने के बजाय दोनों ओर प्रकाश व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा चौबीसों घंटे कम से कम दो स्वयंसेवकों की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रत्येक प्रतिमा की जिम्मेदारी संबंधित थाने के पुलिसकर्मी और बीट प्रभारी को सौंपने के निर्देश दिए गए। रात्रि गश्त एवं प्रभात गश्त के अधिकारी हर घंटे पंडालों की जांच करेंगे और वहां रखे रजिस्टर में हस्ताक्षर करेंगे। विसर्जन स्थलों पर होमगार्ड जवानों और स्थानीय तैराकों की तैनाती सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
मंदिरों में जल चढ़ाने जाने वाली महिलाओं के मार्गों पर पर्याप्त रोशनी और पुलिस गश्त की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। बड़े आयोजन स्थलों पर भीड़ की सुरक्षा के लिए अलग निकास द्वार की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
असामाजिक तत्वों पर रहेगी निगरानी…………
एसपी ने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति भंग करने का प्रयास करने वाले तत्वों पर लगातार निगरानी रखी जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित भ्रमण किया जाए और मुखबिर तंत्र मजबूत रखा जाए, ताकि किसी भी असामाजिक गतिविधि की जानकारी समय रहते मिल सके। जहां दो पक्षों के बीच विवाद हुए हैं, वहां आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर बाउंड ओवर कराया जाए। शांति समितियों की बैठकों में मिले सुझावों पर अमल करने और सामने आई समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस वाहनों में बलवा नियंत्रण सामग्री, आंसू गैस, टॉर्च, वीडियो कैमरा और लाउड हेलर उपलब्ध रखने तथा वाहन का जन संबोधन और सायरन सिस्टम चालू हालत में रखने को कहा गया।
एसपी संपत उपाध्याय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छोटी से छोटी घटना की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर वैधानिक कार्रवाई करें। कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई से आम जनता का विश्वास मजबूत होना चाहिए और अपराधियों में कानून का भय बना रहना चाहिए।