गर्दन की नस में स्टेंट डालकर 70 वर्षीय मरीज का लकवा ठीक किया

जबलपुर। सेठ मन्नूलाल जगन्नाथ अस्पताल में 70 वर्षीय मरीज की गर्दन की नस में स्टेंट डालकर रक्त प्रवाह बहाल किया गया, जिसके बाद लकवे से प्रभावित अंगों में तत्काल सुधार दिखाई दिया। उपचार के तीन दिन बाद मरीज पैदल चलकर अस्पताल से घर गया।अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक प्रो. अमल कांति सेन ने बताया कि मरीज को शरीर के एक हिस्से में लकवे की शिकायत के साथ अस्पताल लाया गया था। जांच के बाद उसकी कैरोटिड धमनी में रुकावट का पता चला। मरीज की स्थिति को देखते हुए प्रभावित गर्दन की नस में कैरोटिड आर्टरी स्टेंटिंग की गई और रक्त प्रवाह को सामान्य किया गया।स्टेंट डालने के बाद मरीज ने तत्काल प्रभावित हिस्से के अंगों को हिलाना शुरू कर दिया। जिस आंख को वह पहले बंद नहीं कर पा रहा था, उसे भी बंद करने लगा। उपचार के तीन दिन बाद मरीज पैदल चलकर घर गया।प्रो. सेन ने बताया कि कैरोटिड आर्टरी स्टेंटिंग गर्दन की नस में रक्त प्रवाह की रुकावट को दूर करने की आधुनिक उपचार पद्धति है। मस्तिष्क को रक्त पहुंचाने वाली कैरोटिड धमनी में रुकावट होने पर शरीर के विपरीत हिस्से में लकवे के लक्षण दिखाई दे सकते हैं।उन्होंने बताया कि मुंबई के ग्रैंड हयात में आयोजित क्रिस्प कांफ्रेंस में इस मरीज की बीमारी, उपचार और स्टेंटिंग के परिणाम का चिकित्सकीय प्रस्तुतीकरण भी किया गया।