बदलते मौसम के साथ वायरल संक्रमण का प्रकोप,बच्चों से बुजुर्ग तक चपेट में; बुखार, सर्दी-खांसी और बदन दर्द के मरीज बढ़े


जबलपुर। लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। शहर में वायरल संक्रमण का फैलाव तेजी से बढ़ रहा है। पिछले करीब 10 दिनों में जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज सहित निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या में लगभग 30 फीसदी तक इजाफा दर्ज किया गया है। सुबह पर्ची काउंटर खुलते ही मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि डॉक्टरों के परामर्श कक्ष के बाहर भी पहले की अपेक्षा अधिक भीड़ नजर आ रही है। वायरल संक्रमण की चपेट में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी आ रहे हैं। अधिकांश मरीजों में बुखार, कमजोरी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और सर्दी-खांसी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं।

निजी क्लीनिकों में भी बढ़ी भीड़….

स्वास्थ्य केंद्रों में सुबह से ही मरीजों की भीड़ जुटने लगी है। पर्चा बनवाने के बाद डॉक्टर से जांच और परामर्श के लिए लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। निजी क्लीनिकों में भी सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों का दबाव बढ़ गया है। कई मरीज शुरुआत में हल्के बुखार, थकान और बदन दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। समय पर उपचार और पर्याप्त आराम नहीं मिलने पर कुछ मरीजों में खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतें भी बढ़ रही हैं। बुजुर्गों के साथ युवाओं में भी शरीर टूटने और अत्यधिक कमजोरी की शिकायत देखने को मिल रही है।

बाल रोग ओपीडी में भी बढ़े मरीज………..

बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर भी दिखाई दे रहा है। बाल रोग ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले करीब 80 से 100 बच्चों में लगभग 30 फीसदी बच्चे सर्दी, जुकाम की समस्या से पीड़ित बताए जा रहे हैं।
चिकित्सकों की ओर से अभिभावकों को बच्चों के खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। बाहर के खुले खाद्य पदार्थों से परहेज करने और बच्चों में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की गई है।

तापमान में उतार-चढ़ाव बना बड़ी वजह……………

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में अचानक गर्मी-सर्दी का बदलाव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकता है। ऐसे समय में वायरल संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ताजा और पौष्टिक भोजन लेने, पर्याप्त नींद व आराम करने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर विशेष सतर्कता बरतने और बीमारी के लक्षण नजर आने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह भी दी गई है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम बदलने के दौरान सावधानी और समय पर उपचार से संक्रमण को गंभीर होने से रोका जा सकता है।