भोपाल। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने आज CSIR-AMPRI, भोपाल का भ्रमण किया। उन्होंने संस्थान में अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से विकसित आधुनिक तकनीकों एवं नवीन निर्माण सामग्रियों का अवलोकन किया और उनकी उपयोगिता एवं तकनीकी विशेषताओं की जानकारी ली।
इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुखबीर सिंह, सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री भरत यादव, भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री सी.बी. चक्रवर्ती, प्रमुख अभियंता श्री आर.एल. वर्मा, प्रमुख अभियंता श्री एस.आर. बघेल, सड़क विकास निगम के प्रमुख अभियंता श्री के.पी.एस. राणा, भवन विकास निगम के प्रमुख अभियंता श्री अजय श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता श्री एस.सी. वर्मा, मुख्य अभियंता श्री बी.पी. बोरासी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। CSIR-AMPRI की ओर से एडिशनल डायरेक्टर श्री शुक्ला, वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री मनीष मुद्गल, वैज्ञानिकगण एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री श्री सिंह ने लोक निर्माण विभाग की सड़क, पुल एवं भवन निर्माण परियोजनाओं में स्वदेशी, पर्यावरण-अनुकूल, टिकाऊ एवं लागत-किफायती निर्माण तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं का परीक्षण कर इन्हें व्यवहारिक रूप से अपनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान जिओपॉलीमर कंक्रीट की तकनीक को विशेष रूप से समझ गया । जिओपॉलीमर कंक्रीट से निर्मित सड़क में सामान्य कंक्रीट की तरह पानी से तराई (Curing) की आवश्यकता नहीं होती, जिससे पानी की बचत होती है। साथ ही कम मोटाई में भी एम-40 के अनुरूप स्ट्रेंथ प्राप्त की जा सकती है। इस तकनीक का एम्स भोपाल में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में उपयोग किया जा चुका है। मंत्री श्री सिंह ने इस तकनीक को मध्यप्रदेश की सड़क परियोजनाओं में उपयोग की संभावनाओं के दृष्टिगत महत्वपूर्ण बताया।
मंत्री श्री सिंह ने फ्लाई ऐश, रेड मड सहित औद्योगिक एवं कृषि अपशिष्टों से तैयार सड़क निर्माण सामग्री, पेवर ब्लॉक, कर्ब स्टोन और ड्रेनेज ब्लॉक जैसे प्रीकास्ट कंपोनेंट्स का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने बताया कि CSIR-AMPRI द्वारा लगभग 16 वर्ष पूर्व लगाए गए पेवर ब्लॉक्स आज भी मजबूत स्थिति में हैं और उन पर काई भी नहीं लगी है। इससे इन सामग्रियों की दीर्घकालिक मजबूती एवं टिकाऊपन का पता चलता है।
संस्थान की प्रदर्शनी एवं प्रयोगशालाओं के भ्रमण के दौरान मंत्री श्री सिंह को बैम्बू कंपोजिट एवं हाइब्रिड वुड, रेड मड आधारित रेडिएशन शील्डिंग टाइल्स, एंटी-कोरोसिव एवं फायर-रेसिस्टेंट कोटिंग्स तथा कृषि अवशेषों से तैयार किए जाने वाले ग्रीन बाइंडर्स जैसी नवीन तकनीकों की जानकारी दी गई। उन्होंने इन तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं पर अधिकारियों के साथ चर्चा की।
CSIR-AMPRI बनेगा PWD का तकनीकी पार्टनर
मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में आधुनिक तकनीक के उपयोग से मजबूत, टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना का निर्माण सरकार की प्राथमिकता है। CSIR-AMPRI में विकसित तकनीकों को लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं में अधिक व्यापक रूप से उपयोग करने के लिए संस्थान को PWD का तकनीकी पार्टनर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आगामी इंजीनियर्स डे के अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री जी की उपस्थिति में CSIR-AMPRI के साथ MOU करने की योजना है। इस MOU के माध्यम से आधुनिक निर्माण तकनीकों, नई निर्माण सामग्रियों, गुणवत्ता परीक्षण एवं तकनीकी परामर्श के क्षेत्र में दोनों संस्थानों के बीच सहयोग को संस्थागत रूप दिया जाएगा।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि जिओपॉलीमर कंक्रीट जैसी तकनीकों से जहां निर्माण की गुणवत्ता और टिकाऊपन बढ़ाया जा सकता है, वहीं पानी की बचत और औद्योगिक अपशिष्ट के उपयोग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि CSIR-AMPRI के साथ समन्वय कर उपयुक्त तकनीकों का तकनीकी परीक्षण कर पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर PWD की परियोजनाओं में उपयोग प्रारंभ किया जाए।
मंत्री श्री सिंह ने AMPRI की मटेरियल कैरेक्टराइजेशन प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया, जहां निर्माण सामग्री की मजबूती, टिकाऊपन एवं गुणवत्ता जांच के लिए उपलब्ध आधुनिक परीक्षण मशीनरी की कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की।