नरसिंहपुर / ‘माई भारत’ के नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत सहयोग युवा समिति द्वारा युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज में जागरूकता फ़ैलाने के उद्देश्य से 11 किलोमीटर लंबी ‘युवा जागरण पदयात्रा’ का सफ़ल आयोजन किया गया। पदयात्रा का नेतृत्व कर रही फलित सिंह पटेल ने बताया कि हमारा उद्देश्य है कि युवा स्वयं नशामुक्ति का संकल्प लेकर समाज को जागरूक करने की जिम्मेदारी संभालें। जब देश का युवा नशामुक्त होगा, तभी एक सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है।
फलित सिंह पटेल के नेतृत्व में यह पदयात्रा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झामर से प्रारंभ होकर सीएम राइज शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धमना पर समाप्त हुई। यह पदयात्रा फलित सिंह पटेल द्वारा युवाओं को नशे के विरुद्ध एकजुट करने के लिए शुरू किए गए 100 दिवसीय जनजागरण संकल्प के चौथे सप्ताह के पूर्ण होने के उपलक्ष्य में निकाली गई।
*स्कूलों से निकलकर गांव-गांव पहुंचा अभियान*
अभियान के शुरुआती तीन हफ्तों में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों और युवाओं से सीधा संवाद किया गया। उन्हें तंबाकू, शराब व अन्य नशीले पदार्थों के शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देकर स्वयं नशा न करने और दूसरों को भी रोकने की शपथ दिलाई गई। चौथे सप्ताह में इस संदेश को आमजन तक पहुंचाने के लिए झामर से धमना तक पदयात्रा का मार्ग चुना गया।
*ग्रामीणों ने किया स्वागत, ली नशामुक्ति की शपथ*
पदयात्रा में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों, सहयोग युवा समिति के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। हाथों में नशामुक्ति के संदेश वाली तख्तियां लिए प्रतिभागियों ने “युवा जागेगा–नशा भागेगा” और “नशामुक्त युवा–सशक्त भारत” जैसे नारों से क्षेत्र को जागरूक किया। 11 किलोमीटर के मार्ग में आने वाले गांवों और बस्तियों में ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उन्हें नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई गई।
*सतत् जारी रहेगा अभियान*
सहयोग युवा समिति ने जानकारी दी कि 100 दिवसीय संकल्प के तहत आने वाले हफ्तों में भी गांवों, सार्वजनिक स्थानों और विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां, संवाद और युवा सहभागिता कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे। अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को इस जनआंदोलन का मुख्य संदेशवाहक बनाना है।