पूर्व विधायक की कंपनी पर ईडी की छापेमारी


जबलपुर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के टोल प्लाजा पर कथित अवैध वसूली और धन की हेराफेरी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा तलाशी अभियान चलाया है। एजेंसी की कार्रवाई मध्यप्रदेश समेत देश के 14 राज्यों में एक साथ हुई। मध्यप्रदेश में नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल संग्रहण से जुड़े परिसरों को जांच के दायरे में लिया गया है। कार्रवाई का संबंध भाजपा और कांग्रेस दोनों में रहे पूर्व विधायक संजय शर्मा की कंपनी से सामने आने की बात रिपोर्ट में कही गई है।ईडी की टीमों ने पूर्व विधायक से जुड़े तेंदूखेड़ा और देवरी स्थित कार्यालयों के अलावा हाईवे से जुड़े तीन प्रमुख ठिकानों पर तलाशी ली। जांच के दौरान अधिकारियों ने डिजिटल साक्ष्य, बहीखाते और वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों को खंगाला और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जब्त किए।

फर्जी सॉफ्टवेयर से टोल वसूली का आरोप……….

जांच एजेंसी के सामने आए तथ्यों के मुताबिक टोल प्लाजा पर कथित तौर पर ऐसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे संबंधित अधिकारियों से अनुमति नहीं मिली थी। इस तकनीकी हेरफेर के जरिए वाहन चालकों को अनधिकृत रसीदें जारी किए जाने और टोल से प्राप्त राशि को एनएचएआई की आधिकारिक वित्तीय प्रणाली में दर्ज नहीं किए जाने का आरोप है।रिपोर्ट के अनुसार, वसूली गई रकम को कथित तौर पर समानांतर खातों में स्थानांतरित किया गया। फॉरेंसिक ऑडिट और हाईवे अथॉरिटी के डेटा के मिलान में अनाधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से संबंधित साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है।

ईडी तलाश रही रकम के असली लाभार्थी………..

जांच अब केवल टोल प्लाजा पर हुई कथित गड़बड़ी तक सीमित नहीं है। ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर हेराफेरी की गई रकम किन खातों में पहुंची और इसके वास्तविक लाभार्थी कौन हैं। एजेंसी बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

14 राज्यों तक पहुंचा जांच का दायरा………….

मामले की जांच का दायरा मध्यप्रदेश से बाहर भी फैला हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, एनसीआर और कोलकाता समेत कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। विभिन्न टोल कंपनियों से जुड़े परिसरों से कंप्यूटर हार्ड डिस्क, सर्वर डेटा और निवेश संबंधी दस्तावेज भी कब्जे में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। ईडी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कथित अवैध कमाई से कहीं चल-अचल संपत्तियां तो नहीं खरीदी गईं। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और नाम और वित्तीय लेन-देन सामने आने की संभावना जताई गई है। कार्रवाई 22 जनवरी 2025 की प्राथमिकी संख्या 17 और 19 मई 2025 को दर्ज ईसीआईआर/एएसजेडओ/04/2025 के आधार पर आगे बढ़ाई गई है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 17 के तहत तलाशी की कार्रवाई की है।फिलहाल ईडी की कार्रवाई और जांच जारी है।