जबलपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दुनिया अब भारत को मैन्युफैक्चरिंग पावर, टेक्नोलॉजी पार्टनर और विश्वसनीय डिफेंस पार्टनर के रूप में देख रही है। रक्षा मंत्री श्री सिंह यहां गुरुवार को आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड की इकाई व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में टी-सीरीज टैंक ओवरहाल परियोजना के भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज युद्ध का चरित्र तेजी से बदल रहा है। ड्रोन, मिसाइल, प्रिसीजन गाइडेड वेपन्स, सैटेलाइट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर वारफेयर आधुनिक युद्ध का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या टैंकों की जरूरत खत्म हो गई है? कुछ विशेषज्ञ ऐसा मानते हैं, लेकिन उनका मानना इससे अलग है। रक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिक युद्ध में किसी एक प्लेटफॉर्म की नहीं, बल्कि संयुक्त क्षमता की जरूरत है। टैंक, इन्फैंट्री, आर्टिलरी, ड्रोन, एयर पावर, सर्विलांस और प्रिसीजन वेपन्स मिलकर इंटीग्रेटेड कॉम्बैट सिस्टम बनाते हैं। टैंक की मोबिलिटी, प्रोटेक्शन और फायर पावर का संयोजन आज भी उसकी बड़ी ताकत है। इसलिए टैंक को खत्म करने की बजाय उसे आधुनिक सेंसर और नई तकनीक से लैस करने की जरूरत है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में 472 करोड़ रुपए की लागत से टी-72 और टी-90 टैंकों के ओवरहॉल के लिए स्ट्रैटेजिक फैसिलिटी का निर्माण करने से हर साल 80 अतिरिक्त टैंकों की ओवरहॉलिंग क्षमता विकसित होगी। हेवी व्हीकल्स फैक्ट्री अवाडी की 150 टैंकों की क्षमता के साथ जबलपुर की 80 टैंकों की क्षमता जुड़ने के बाद देश में हर साल 230 टैंकों की ओवरहॉलिंग की जा सकेगी। इससे सेना को जरूरत के अनुसार समय पर टैंक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और ऑपरेशनल रेडीनेस मजबूत होगी।
डिफेंस टेक्नोलॉजी का हब बनाने का प्रयास……….
रक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि जबलपुर की पहचान पहले से ही डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और सैन्य उत्पादन के कारण रही है। अब इस पहचान को नए स्तर पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि जबलपुर डिफेंस टेक्नोलॉजी, मेंटेनेंस, मॉडर्नाइजेशन और मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख हब बने।
4-5 साल में सेना को दिए 4 हजार 400 टैंक…………
रक्षा मंत्री ने कहा कि टी-72 और टी-90 टैंक भारतीय सेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और सीमाओं पर आयरन वॉल की तरह खड़े हैं। पिछले चार-पांच वर्षों में हेवी व्हीकल्स फैक्ट्री ने भारतीय सेना को करीब 4,400 टैंकों की आपूर्ति की है।
रक्षा उत्पादन बढ़कर 1.80 लाख करोड़…………
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2014 में देश का घरेलू रक्षा उत्पादन करीब 46 हजार करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर लगभग 1.80 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इसी तरह रक्षा निर्यात करीब 1 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर लगभग 39 हजार करोड़ रुपए पहुंच गया है।
देश की रक्षा में जबलपुर की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री………….
भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जबलपुर देश की रक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला शहर है गन कैरेज फैक्ट्री सहित जबलपुर की रक्षा उत्पादन इकाइयों ने लंबे समय से देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब रक्षा क्षेत्र में नए निवेश और आधुनिक तकनीक के साथ इन उद्योगों को नई ऊर्जा मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की रक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। रक्षा मंत्री का व्यवहार सरल है, लेकिन देश की सुरक्षा को लेकर उनका संकल्प वज्र के समान कठोर है।
डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर में रक्षा क्षेत्र से जुड़े करीब पौने पांच सौ करोड़ रुपये के नए प्रोजेक्ट की शुरुआत मध्यप्रदेश के लिए बड़ी सौगात है। इससे रक्षा उत्पादन को नई गति मिलने के साथ प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गन कैरेज फैक्ट्री सहित रक्षा क्षेत्र की विभिन्न फैक्ट्रियों ने देश की सुरक्षा में अपनी अलग पहचान बनाई है। पुराने समय में यहां से बड़े पैमाने पर रक्षा उपकरण और वाहन तैयार किए जाते रहे हैं। अब इन औद्योगिक इकाइयों को नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय की रक्षा चुनौतियों का सामना करने की क्षमता और मजबूत होगी।
रक्षा उत्पादों का किया अवलोकन……….
समारोह के प्रारंभ में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधिवत पूजा-अर्चना कर टी-सीरीज टैंकों के ओव्हरहॉल परियोजना का शिलान्यास किया। भूमिपूजन समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगीत व वंदे मातरम के गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टी-सीरीज टैंकों के ओव्हरहॉल प्रोजेक्ट का थ्री-डी डिसप्ले, टी-सीरीज टैंकों तथा व्हीकल फैक्ट्री के रक्षा उत्पादों का अवलोकन भी किया।
ये रहे मौजूद…………
समारोह में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, लोकसभा सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, विधायक डॉ अभिलाष पाण्डेय, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, लेफ्टिनेंड जनरल अमरदीप सिंह, रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव संजीव कुमार, रक्षा उत्पादन विभाग की संयुक्त सचिव (भूमि प्रणाली) डॉ. गरिमा भगत, एवीएनएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सत्यव्रत मुखर्जी, एवीएनएल के निदेशक/वित्त राजीव कुमार शर्मा, एवीएनएल के निदेशक/मानव संसाधन एस.एम. सालवे तथा प्रवीण कुमार, मुख्य महाप्रबंधक व्हीएफजे उपस्थित थे।