अभियोजन आरोपी, पीड़ित और राज्य तीनों के प्रति निष्पक्ष :जस्टिस बंसल

जबलपुर, । अभियोजन अधिकारियों, लोक अभियोजकों एवं पुलिस अधिकारियों की कार्यदक्षता बढ़ाने तथा बदलते अपराधों के अनुरूप उन्हें आधुनिक तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों से अपडेट करने के उद्देश्य से रविवार को होटल कृष्णा, नेपियर टाउन, जबलपुर में एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में डीएनए, साइबर अपराध एवं साइबर सुरक्षा तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।कार्यशाला का शुभारंभ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के न्यायमूर्ति श्री द्वारिकाधीश बंसल, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री कृष्णमूर्ति मिश्रा, कलेक्टर  राघवेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक  संपत उपाध्याय, उप निदेशक अभियोजन भोपाल  विजय कुमार उईके एवं  महेन्द्र सिंह गौतम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।अपने उद्बोधन में न्यायमूर्ति द्वारिकाधीश बंसल ने अभियोजन के कर्तव्यों और अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अभियोजन की भूमिका केवल दोष सिद्ध कराने तक सीमित नहीं है। अभियोजन को आरोपी, पीड़ित और राज्य—तीनों के प्रति निष्पक्ष रहकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने न्यायालय में गवाहों के पक्ष-विरोधी हो जाने की परिस्थितियों तथा ऐसे मामलों में अभियोजन के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा की।

उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं अभियोजन अधिकारियों की कार्यक्षमता और ज्ञान में वृद्धि करती हैं, जिससे वे न्यायालय के समक्ष मामलों को अधिक प्रभावी और निष्पक्ष तरीके से प्रस्तुत कर सकेंगे।

डिजिटल साक्ष्य से मजबूत होगा अभियोजन

कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने कार्यशाला के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल साक्ष्य आपराधिक मामलों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप को देखते हुए अभियोजन अधिकारियों का तकनीकी रूप से दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाओं से अभियोजन मजबूत होगा और न्यायालय में मामलों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्णमूर्ति मिश्रा ने साइबर अपराध एवं डीएनए साक्ष्य के क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध तेजी से गंभीर रूप ले रहे हैं। ऐसे में अभियोजन अधिकारियों का नवीन तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों से परिचित होना न्यायिक प्रक्रिया को और प्रभावी बनाएगा।

ओटीपी फ्रॉड और एपीके फाइल से होने वाली ठगी पर पुलिस अधीक्षक ने किया अलर्ट

पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने साइबर अपराधों के बदलते तौर-तरीकों की जानकारी देते हुए ओटीपी फ्रॉड, एपीके फाइल के जरिए होने वाली धोखाधड़ी और ऑनलाइन ठगी के मामलों में अनुसंधान के दौरान आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती देशों सहित विभिन्न स्थानों से डिजिटल माध्यमों के जरिए साइबर ठगी की जा रही है। ऐसे मामलों में अपराधियों तक पहुंचना, डिजिटल साक्ष्य जुटाना और न्यायालय में उसे प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना पुलिस एवं अभियोजन के लिए बड़ी चुनौती है।

उन्होंने साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और प्रभावी अभियोजन के लिए पुलिस एवं अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण व्याख्यान

कार्यशाला में मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर से श्री यशपाल सिंह सिसोदिया ने साइबर अपराध, साइबर सुरक्षा एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पर विस्तृत व्याख्यान दिया। वहीं आरएफएसएल जबलपुर के डीएनए विशेषज्ञ डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने न्यायालयिक विज्ञान एवं डीएनए साक्ष्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।

उप निदेशक अभियोजन भोपाल श्री महेन्द्र सिंह गौतम ने विभागीय जांच के नियमों एवं उसकी प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में डीएनए, साइबर अपराध, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, अभियोजन के समक्ष आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और उनके समाधान सहित विभिन्न विषयों पर संवाद एवं चर्चा हुई।

आठ जिलों के अभियोजन अधिकारी हुए शामिल

कार्यशाला में छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी, मंडला, डिंडौरी एवं जबलपुर के अभियोजन अधिकारी, लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक, जबलपुर जिले के पुलिस अधिकारी तथा जिला अभियोजन संचालनालय के कर्मचारी शामिल हुए।महानिदेशक लोक अभियोजन भोपाल श्रीमती शिल्पा गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन उप निदेशक अभियोजन  के.एस. मुवेल द्वारा कराया गया।समापन अवसर पर उप निदेशक  हनुमंत शर्मा,  संदीप पांडे, सुश्री पुष्पलता साहू,  प्रशांत शुक्ला, सहायक निदेशक  संदीप कुमार जैन एवं  अभिषेक दीक्षित, उप निदेशक अभियोजन  हनुमंत किशोर शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने मुख्य अतिथि, विशेषज्ञ वक्ताओं, विभिन्न जिलों से आए अभियोजन अधिकारियों एवं स्टाफ का आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन विशेष लोक अभियोजक जबलपुर चौधरी विक्रम सिंह ने किया।