शासकीय कर्मियो कि दो से अधिक सन्तानों कि बाध्यता समाप्त हो

जबलपुर ।मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने  मुख्यमंत्री के नाम संयुक्त कलेक्टर विनकी सिंह वाघमारे को ज्ञापन सौंपकर  मांग कि है कि  मुख्यमंत्री  की घोषणा क्रमशः अधिकारी / कर्मचारियों एवं पेंशनरों को स्वास्थ्य बीमा योजनाए ,दो से अधिक संतान की बाध्यता को समाप्त करने संबंधी आदेश की कार्यवाही अपेक्षित है जिसके कारण प्रदेश के समस्त कर्मचारी/अधिकारियों में असंतोष व्याप्त है। प्रदेश के अधिकारी/कर्मचारियों की भावनाओं के समर्थन में संघ  मांग करता है कि  मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन योजना वरिष्टता के साथ लागू कि जावे एवं ग्रेज्यूटी की सीमा केंद्र के सामान 25 लाख की जावे।. जबलपुर संभाग के अंतर्गत शिक्षा विभाग में क्रमोन्नत/पदोन्नत उच्च माध्यमिक शिक्षकों को जिन्होंने 12/24/35 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके हैं, ऐसे लोक सेवकों को प्रथम/द्वितीय/तृतीय क्रमोन्नति नियुक्ति दिनांक से दी जावे।प्रदेश में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी, संविदा कर्मचारी, स्थाई कर्मी एवं सफाई कर्मचारियों को विभाग में रिक्त पदों के विरुद्ध नियमितीकरण करने के उपरांत शेष पदों पर सीधी भर्ती की जावे एवं विभागाध्यक्ष को अपने विभाग में उपरोक्त कर्मियों को नियमितीकरण के अधिकार दिए जावे तथा तृतीय श्रेणी / चतुर्थ श्रेणी के पदों पर आउट सोर्स कर्मियों को शासकीय सेवक मान्य किया जाकर कार्यभारित कर्मचारियों को अवकाश नकदीकरण का लाभ दिया जावे। कार्यभारित संवर्ग के ऐसे कर्मचारी जिनके पास डिप्लोमा/डिग्री हैं ऐसे कर्मचारियों को उपयंत्री संवर्ग में पदोन्नत किया जायें।. नवीन नियुक्तियों में स्टाय फंड की व्यवस्था को माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्णय अनुसार समाप्त कर 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि के पूर्ववर्ति नियम को लागू किया जावे। समस्त विषय के सहायक शिक्षक / उच्च श्रेणी शिक्षक प्राथमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षक को वरिष्ठ और योग्यता के आधार पर पदोन्नति दिया जाए, विशेष कर जिन्होंने स्नातक एवं स्नातकोत्तर जिस विषय में किया है उसमे पदोन्नति प्रदान किया जावे। पदोन्नति में D.Ed और B.Ed की अनिवार्यता को पदोन्नति उपरांत विभागीय B.Ed कराया जावे।. स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लंबित मांगो / वेतन विसंगतियों का शीघ्र निराकरण किया जावे, 31 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में नियमित पदों के विरुद्ध कार्यरत कुष्ठ कर्मचारियों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता एवं महंगाई भत्ता का लाभ दिया जावे, नेत्र चिकित्सा सहायकों का पदनाम परिवर्तित कर नेत्र चिकित्सा अधिकारी किया जावे।

बहु उद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रमोशन पर शासन द्वारा स्वास्थ्य सुपरवाइजर के प्रमोशन वाले पद को डाइंग केडर में डालकर जो रोक लगाई गई है एमपीडब्ल्यू को पुरुष सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति देने का प्रावधान किया जाय एवं बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ कार्यकर्ता (ANM) को प्रशिक्षण उपरांत पदोन्नति देने का प्रावधान है, बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता (ANM) को पदोन्नति बिना प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ राज्य की तरह प्रावधान कर दी जावे । भृत्य का पदनाम परिवर्तित किया जाकर कार्यालय सहायक किया जावे. समयमान वेतनमान लाभ से कर्मचारी हो रहे वंचित, समयमान अनुमोदन में लग रहा अधिक समय कोष एवं लेखा विभाग बिलों में लगा रहें अनावश्यक आपत्ति। कोष एवं लेखा विभाग के अधिकारी/कर्मचारियों को अन्यत्र स्थानांतरित कर कर्मचारियो को न्याय दिलाया जाये।. जिले में परामर्श दात्री समिति कि बैठक प्रत्येक विभाग में तीन माह में कराने संबंधी आदेश जारी किए जाएं।ज्ञापन में अटल उपाध्याय देवेन्द्र पचौरी आलोक अग्निहोत्री बृजेश मिश्रा परशुराम तिवारी राजू मस्के कमलेश कोरी अमित पटेल वीरेंद्र चंदेल एस पी बाथरे निशांक तिवारी पंकज जायसवाल राजाराम डेहरिया सतीश देशमुख योगेश कपूर टीआर मेहरा प्रीतोश तारे  शैलेन्द्र दुबे नितेश राठौर मधुर कपूर अंकित चौरसिया अमित गौतम  ने माननीय मुख्यमंत्री से अधिकारी कर्मचारी हितैषी मांगों के शीघ्र निराकरण कि मांग कि है।