पटवारियों की हड़ताल जनहित के खिलाफ, उपभोक्ता मंच ने पटवारी संघ वे कलेक्टर को नोटिस भेजा


जबलपुर। प्रदेश भर में चल रही पटवारियों की हड़ताल को लेकर आम नागरिकों को हा रही परेशानी पर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने सवाल उठाए| मंच का कहना है कि इसके पूर्व तहसीलदार एवं नायाब तहसलीदरों की हड़ताल वर्ष 2025 में हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका वापिस ली गई थी| वर्तमान में पटवारियों की हड़ताल से लोग तहसीलों में भटक रहे है| लिहाजा पटवारियों की हड़ताल 48 घंटों के भीतर वापिस ली जाए| मंच ने चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली जायेंगी| इस आशय का नोटिस मंगलवार को नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ पीजी नाजपांडे तथा रजत भार्गव ने प्रदेश तथा जिला पटवारी संघ एवं कलेक्टर जबलपुर को भेजा है|
नोटिस में बताया कि पटवारियों की हड़ताल के कारण सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, खसरा सुधार और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित हुए है, अत: यह हड़ताल जनहित के खिलाफ है|
सुप्रीम कोर्ट तथा अन्य न्यायालयों ने ऐसे हड़तालों के खिलाफ कई निर्णय दिए है| पूर्व में तहसीलदार एवं तहसीलदारों ने वर्ष 2025 में समूचे प्रदेश में हड़ताल की थी| इस हड़ताल के खिलाफ मप्र हाईकोर्ट में जनहित याचिका नंबर डब्ल्यू पी 32387/205 दायर की गई थी| बाद में यह हड़ताल वापिस हुई है|
डॉ.पीजी नाजपांडे तथा रजत भार्गव ने नोटिस में प्रशासन से मांग की वह यह हड़ताल वापिस लेने हेतु तत्काल कदम उठाए|